
लेखिका : लता अग्रवाल
चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)।
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बस स्टॉप एक सार्वजनिक स्थान है। सार्वजनिक रास्ते को बाधित करना कानूनी अपराध है। संयुक्त रूप से मिलजुल कर नगर निगम, प्रशासन व पुलिस त्वरित कार्यवाही करके अतिक्रमण को रोका जा सकता है। जन-जागरूकता व आसपास के स्थानीय दुकानदारों की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जाए ताकि नगर निगम को तुरंत सूचित कर सकें। बस स्टॉप्स के आसपास रेलिंग व बेरीकेडिंग लगाए जाएं ताकि अन्य वाहन नहीं खड़े रह सके और अतिक्रमण न हो। बस स्टॉप के पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं ताकि अतिक्रमणकारियों को पकड़ा जा सके। अतिक्रमण निषेध व नो पार्किंग के बोर्ड लगाए जाएं।
यह नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आता है नगर निगम को जागरूक रहना चाहिए और नियमित अंतराल पर गश्त होनी चाहिए। अगर बस स्टॉप नेशनल हाईवे पर है तो नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालय पर शिकायत कर सकते हैं। आम आदमी की शिकायत पर कोई ध्यान नहीं देता है। अतः आरटीआई यानि सूचना के अधिकार के तहत संबंधित विभाग से अतिक्रमण की शिकायत व सूचना दे सकते हैं और जानकारी भी ले सकते हैं। (लेखिका के अपने विचार हैं)