
राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विवि वर्ष-2024-2025 के कुल 47,444 छात्र-छात्राओं को मिलेगी उपाधियां
RUHS का 11वां दीक्षांत समारोह
बीआरटी में दीक्षा शर्मा को भी मिलेगा गोल्ड मेडल
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जयपुर। हमारी बेटियां प्रशासनिक पुलिस, न्यायिक, विदेश, वन, खेल और देश सेवा में ही नहीं बल्कि मेडिकल की पढ़ाई के दौरान गोल्ड मेडल लेने में भी लड़कों से आगे है। और मां-बाप का नाम रोशन कर रही है। राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (आरयूएचएस) के 11वें दीक्षांत समारोह में इस बार बेटियों का दबदबा साफ नजर आएगा। बिरला ऑडिटोरियम में 24 अप्रैल को होने वाले समारोह में 17 में से 12 गोल्ड मेडल बेटियों को दिए जाएंगे। यह आंकड़ा न केवल उनकी मेहनत को दर्शाता है, बल्कि समाज में बदलती सोच का भी संकेत है, जहां बेटियों को अब हर क्षेत्र में बराबरी के अवसर मिल रहे हैं। खास बात यह है कि आरयूएचएस के 8वें दीक्षांत समारोह में सभी गोल्ड मेडल बेटियों ने ही हासिल किए थे, जो इस ट्रेंड को और मजबूत करता है।
चांसलर्स गोल्ड मेडल इस बार वर्ष-2024 और 2025 के लिए चांसलर्स गोल्ड मेडल भी घोषित किए गए हैं। वर्ष 2024 का चांसलर्स गोल्ड मेडल एमडीएस के देवजीत मुखर्जी को मिलेगा, जबकि वर्ष 2025 में एमडी (साइकेट्री) की संध्या यादव और एमडी (इम्यूनो-हिमेटोलॉजी) के संदीप को यह सम्मान दिया जाएगा। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक अनिल कुमार काजला के अनुसार वर्ष-2024 और 2025 के कुल 47,444 छात्र-छात्राओं को मेडिकल, डेंटल, फार्मेसी, नर्सिंग और पैरामेडिकल यूजी-पीजी के पाठ्यक्रमों में उपाधियां प्रदान की जाएंगी। दीक्षांत समारोह में पीएचडी, गोल्ड मेडल और डीएम-एमसीएच के टॉपर्स को मंच पर डिग्री दी जाएगी, जबकि अन्य विद्यार्थियों को उनके कॉलेज स्तर पर डिग्री वितरित की जाएगी।
इन्हें मिलेगा गोल्ड मेडल
वर्ष-2024 : एमबीबीएस गरिमा बंसल, बीडीएस अंजली बोहरा, बी.एससी नर्सिंग मेहरु निशा, पी.बी.एससी नर्सिंग किरण कंवर, बीआरटी दीक्षा शर्मा, बी.एम. एलटी प्रांज तबस्सुम, बी ओप्थेल्मिक.टी अभिलाषा सैनी, बीपीटी हर्षिता, बी-फार्मा तमन्ना बंसल।
वर्ष-2025 बी.एससी नर्सिंग जितेन्द्र, पी.बी.एससी नर्सिंग सोनम कुमावत, बी.आर.टी उदय जैन, बी. ओप्थेल्मिक.टी दुष्यंत अरोड़ा, बी-फार्मा गीता चौधरी
बढ़ता दबदबा बेटियों का
बेटियां कड़ी मेहनत और लगन से न केवल अच्छे अंक ला रही हैं, बल्कि विश्वविद्यालय और परिवार का नाम भी रोशन कर रही हैं। बेटियों को समान अवसर मिलने से ही समाज, राज्य और देश मजबूत बनता है। आज बेटियां हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं और नई मिसाल कायम कर रही हैं। -डॉ. प्रमोद येवले,
कुलगुरु, आरयूएचएस