
‘धुरंधर इतनी बड़ी ब्लॉकबस्टर होगी, इसका जरा भी अंदाजा नहीं था’
गुलाबी नगर निवासी फिल्म एक्टर अभय अरोड़ा से खास बातचीत के अंश


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जयपुर। शूटिंग के दौरान सेट पर हम 12-14 घंटे लगातार काम करते थे, लेकिन एक-दूसरे ने इतना सपोर्ट किया कि किसी के चेहरे पर थकान या शिकायत नहीं दिखती थी। फिल्म से जुड़े हर व्यक्ति ने बहुत मेहनत की है। यह कहना है गुलाबी नगर निवासी फिल्म एक्टर अभय अरोड़ा का, जिन्होंने फिल्म ‘धुरंधर’ और ‘धुरधर द रिवेंज’ में गैंगस्टर अरशद पप्पू के भाई यासिर का किरदार निभाया है।
फिल्म धुरंधर को लेकर खास बातचीत में अभय ने कहा कि एक्टर संजय दत्त, अक्षय खन्ना, रणबीर सिंह, राकेश बैदी जैसे कलाकारों के साथ काम करना मेरे लिए सम्मान की बात थी।
Q. जब आपने यह फिल्म देखी तो अनुभव कैसा रहा?
फिल्म की शूटिंग करना और फिल्म देखना दोनों अलग अनुभव होते हैं। शूटिंग के दौरान हर कलाकार को सिर्फ अपने हिस्से की कहानी पता होती है. क्योंकि यह स्क्रिप्ट बहुत गोपनीय होती है। जब हमने पूरी फिल्म देखी, तो बेहतरीन लगी।
Q. ‘धुरंधर से आपको शुरुआत में क्या उम्मीद थी?
जब मुझे फिल्म ‘धुरंधर के लिए कास्ट किया गया, उस समय मैं फिल्म रामायण’ पर काम कर रहा था। फिल्म इतनी बड़ी ब्लॉकबस्टर होगी, इसका अंदाजा नहीं था।
Q. इस फिल्म में काम करने का निर्णय कैसे लिया?
हर अभिनेता का सपना होता है कि उसे बड़े बैनर और अच्छे निर्देशक के साथ काम करने का मौका मिले। फिल्म की कहानी दमदार थी, इसलिए इसे मना नहीं कर पाया। मैं पहले से ही बाल और दाढ़ी बढ़ा रहा था। लेकिन जब किरदार मिला, तो कहा गया कि अब इसे वैसा ही रखना है।
Q. फिल्म में ‘यासिर’ के किरवार के लिए क्या तैयारी की?
यासिर का किरदार काफी अलग था। उसमें गुस्से के साथ प्यार व वफादारी भी थी। इस किरदार में हर पहलू को दिखाया। फिर चाहे एक रौब हो या भाई के लिए उसका प्यार हो।
Q. फिल्म में गुस्से वाले सीन किस तरह चुनौतीपूर्ण रहे?
एक गुस्से वाला सीन शूट करने के तुरंत बाद मैं बैंकॉक से मुंबई आ गया था। अगले दिन मुझे रामायण में शांत किरदार निभाना था। यह बदलाव चुनौतीपूर्ण जरूर था, लेकिन हमारी प्रोफेशनल ट्रेनिंग हमें यह करने में सक्षम बना देती है।
Q. फिल्म में आपका सबसे पसंदीदा किरदार कौन सा रहा?
मुझे व्यक्तिगत रूप से जमीर जमाली का किरवार पसंद आया, जिसे राकेश बेदी ने निभाया है। उन्होंने अलग ही माहौल क्रिएट कर दिया। इस तरह का किरदार निभाना दर्शकों को बांधे रखना होता है।