विश्व शक्ति होने का भ्रम!

लेखिका : लता अग्रवाल
चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)।
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आखिरकार सीज फायर हो गया। अमेरिका ईरान एक साथ कह रहे हैं कि ये पाकिस्तान ने करवाया है। छोटा सा देश जिसे भारत हर वक्त नीचा दिखाने में लगा रहता है उसने तीसरा विश्व युद्ध होने की संभावना पर रोक लगा दी है। स्टेट ऑफ़ होर्मुज का रास्ता खुलेगा। लेकिन ऊर्जा संकट समाप्त होने में अभी समय लगेगा। बढी हुई कीमतें कम होने के आसार नहीं है। इसको भी नियंत्रित करने में समय लगेगा।
सबसे बड़ी बात यह है कि अमेरिका को जो भ्रम था ईरान पर कब्जा करने का वह अहंकार दूर हो गया। अमेरिका ने बढ़ चढ़कर बोला था ईरान के यूरेनियम भंडार को नष्ट कर दिया जाएगा उसको राख में बदल दिया जाएगा। तेल पर कब्जा कर लिया जाएगा। ईरान की सरकार बदल देंगे ईरान में रिज्यूम चेंज हो जाएगा। लेकिन अमेरिका को निराशा हाथ लगी और ऐसा कुछ भी नहीं कर सका। लेकिन अमेरिका को भी नुकसान हुआ है गल्फ में अमेरिकी अड्डों पर भी हमला हुआ है। सैनिक साजो सामान का अत्यधिक नुकसान हुआ है।
इजराइल में जो आयरन डोम की व्यवस्था थी उसकी धज्जियां उड़ा दी गई। परमाणु आयुध व परमाणु क्षमता वाले ठिकानों पर हमला हुआ है। तेल अवीव राजधानी के आईफा बंदरगाह पर भारी हमला हुआ। पेट्रोकेमिकल कारखाने पर हमला किया गया था।
ईरान को इस युद्ध में सबसे ज्यादा लाभ ये मिला कि वहां की जनता में सरकार के प्रति जो असन्तोष की जो भावना थी वह देश भक्ति की भावना में बदल गई। ईरान के डेढ़ करोड़ लोगअमेरिका से युद्ध करने को तैयार हो गए। अमेरिका अब भी संभल जाएं। अकारण युद्ध कर विश्व के माहौल को न बिगाड़े। विश्व में जीओ और जीने दो की अलख जगाएं। विश्व विजेता होने के सपने देखना बंद करें।
अब भारत सरकार का हाल देखिए एक छोटा सा देश ईरान जिसने अमेरिका को झुकने पर मजबूर कर दिया। और हमारे यहां मोदी सरकार ट्रंप के इशारे पर नाचती है। उसे छोटे से देश पाकिस्तान ने सीज फायर करवा दिया और विश्व में अपना परचम लहराया। हमारे मोदी जी ने क्या किया अमेरिका के दबाव में आकर युद्ध के ठीक एक दिन पहले इजरायल जाकर उसको अपना फादरलेंड बनाकर अपने ही देश में ऊर्जा संकट पैदा कर दिया और लोगों को भुखे मरने पर मजबूर कर दिया। लाखों लोग बेरोजगार हो गए। गांव की तरफ पलायन कर गए। मोदी जी की यह कौन सी विदेश नीति है कि भारत की विदेश नीति अमेरिका तय करता है आखिर क्यों और कब तक? ईरान से ही कुछ सबक ले लें। (लेखिका के अपने विचार है)

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