
जाफर लोहानी
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मनोहरपुर (जयपुर)। राजस्थान में अजमेर शरीफ के बाद साम्प्रदायिक सद्भाव एवं भाईचारे की मिली जुली संस्कृति का प्रतीक हजरत बाबा बुर्रहानुद्दीन चिश्ती रहमतुल्ला अलैह दरगाह शरीफ ताला का सदियों पुराना 4 दिवसीय वार्षिक मेला दिनांक 09 अप्रैल 2026 गुरूवार से शुरू होगया हैं जो कि 12 अप्रैल, 2026 को कुल की रस्म के साथ सम्पन्न होगा। व सोमवार, मंगलवार को गुड्डी मैला भरेगा। जिसमे देश-विदेश के लाखो हिन्दू-मुस्लिम जायरीन आस्था स्वरूप शिरकत करेगें।
शनिवार 11 अप्रैल 2026 को सुबह प्रातः काल ऊँट गाड़ी मोटरसाइकिल बैलगाड़ी ट्रैक्टर ट्रैक्टर ट्रॉली जीप कार आदि से जायरिनो के जत्थे आना प्रारंभ हुए जायरीन सज संवरकर विभिन्न वाहनों में सवार होकर बाबा के गीत गाते हुए आ रहे थे।
ताला के खेतों में आने के बाद में अपना डेरा लगाया और कुम्हार से मटकिया खरीदी इसके बाद में चावल व दाल की तंदूरी बनाकर बाबा के पेश की। रात को मिलाद शरीफ, तकरीर एव कव्वाली प्रोग्राम हुआ मिलाद व तक़रीर में ख़ुदा के हुक्म व मुहम्मद साहब के बताए हुए मार्ग पर चलने की बात कही गई! रात्रि में राजस्थान की प्रसिद्ध कव्वाल पार्टियों के द्वारा बाबा की मान मनुहार की गई।
इसी प्रकार रविवार 12 अप्रैल 2026 को प्रात 10 बजे से 11 बजे तक कुल की रस्म अदा होगी तथा हिन्दू – मुस्लिम दोनो समुदाय के अकीदतमन्द बच्चे बच्ची के जडुले और चादर, फूल, नवदम्पती, जोडे कि जात देकर दुआएं एवं मनोकामना का दौर जारी रहेगा। सोमवार व मंगलवार 13, 14 अप्रैल 2026 को आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रो का गुदडी का मेला रहेगा।