
जाफ़र अज़ीज़ लोहानी
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जयपुर। जयपुर ही नहीं बल्कि पूरे देश भर में प्रसिद्ध चिश्तिया सिलसिले के एक मशूरो व मारूफ बुजुर्ग शाहे विलायत हज़रत मौलाना जियाउद्दीन साहब रहमतुल्ला अलैह की दरगाह का सालाना 217 वां उर्स मुबारक दिनांक 9 मई 2026 शनिवार से शुरू होने जा रहा है जो 13 मई 2026 बुधवार तक चलेगा। हजरत मौलाना जियाउद्दीन साहब के उर्स की तमाम रुसुमात और मिलाद शरीफ, मुशाएरे व क़व्वाली की महफ़िलें दरगाह के मौजूदा सज्जादा नशीन एंव मुतावल्ली सैयद जियाउद्दीन ज़ियाई उर्फ़ जिया मियां की जेरे सदारत व जेरे इंतज़ाम दरगाह के पुराने दस्तूर के अनुसार अदा की जाएंगी।
9 मई शनिवार को शाम 8 बजे रौशनी व महफिले मीलाद सजाई जाएगी जिस में दरगाह चोकी की अख्तर हुसैन मिलाद पार्टी के साथ साथ जयपुर शहर की दीगर मीलाद पार्टियाँ भी नात व मंकेबत व बारगाहे रिसालत में दुरुदो-सलाम का नजराना पेश करेंगी।
10 मई रविवार को रात 8 बजे दरगाह में तरही मुशायरे का आयोजन होगा जिस में जयपुर व जयपुर के बाहर से आए शोरा हज़रात अपना कलाम पेश करेंगे। इनमें हाकिम अय्यूबी, रज़ा शेदाई, माहिर शेदाई, शफीक वारसी, ताहिर जमाली, आरिफ अजमेरी, तबस्सुम रहमानी, काविश मुरादाबादी, दिलकश जार्लोवी, अदीब अजमेरी, एजाज़ टोंकी व अन्य शोरा हज़रात शिरकत करेंगे।
11 व 12 मई सोमवार व मंगलवार शाम 8 बजे दरगाह में महफिले समा * कव्वाली) का आयोजन होगा जिस में जयपुर की तमाम कव्वाल पार्टियों आस्ताना ए जियाई पर अपना पाना कलाम पेश करेंगी। जिस में दरगाह की चोकी की कव्वाल पार्टी अनवार हुसैन कव्वाल के साथ साथ साबरी बंधू, मुश्ताक गुलफाम, अख्तर ज़ियाई, लियाक़त हुसैन, काले प्यारे, अब्दुल क़दीर, नदीम वारसी, हमीद साबरी व अन्य कव्वाल सूफियाना कलाम पेश करेंगे।
इसके साथ साथ शहर की विभिन्न पंचायतों खुमरान, मछली वालान, पन्नीग्रान, नीलग्रान, शोरग्रान, नालबंदान, शेखान व इलाका चांदपोल की और से दरगाह पर चादरें पेश की जायेंगी।
13 मई बुधवार को सुबह 7 बजे कुरान ख्वानी होगी तथा शाम 5 बजे दरगाह में फातेहा कुल शरीफ व महफिले रंग का आयोजन होगा व मगरिब की नमाज के फ़ौरन बाद दरगाह के सज्जादा नशीन ज़िया मियां तसव्वुफ (Sufism) के मोजू पर तक़रीर करेंगे और उसके बाद बारगाहे रिसालत में सलातो-सलाम के नजराने के साथ उर्स का समापन होगा।
दरगाह शरीफ के सज्जादा नशीन एंव मुतावल्ली सैयद जियाउद्दीन ज़ियाई उर्फ जिया मियाँ की हर खासो आम से दरखास्त है कि उर्स मुबारक की रूहानी महफिलों में शिरकत फरमा कर दाखिले हसनात हों।