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मुंबई। हिंदुस्तान ज़िंक ग्लोबल एनर्जी ट्रांज़िशन के अगले चरण के लिए खुद को तैयार कर रही है। कंपनी की 60वीं एनुअल जनरल मीटिंग में शेयरहोल्डर्स को संबोधित करते हुए चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल हेब्बार ने कहा कि कंपनी ज़िंक से आगे बढ़कर ज़रूरी मिनरल्स, डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी-बेस्ड माइनिंग के क्षेत्र में विस्तार कर रही है। एनर्जी ट्रांज़िशन मिनरल्स की बढ़ती अहमियत पर ज़ोर देते हुए हेब्बार ने कहा कि एक इलेक्ट्रिक गाड़ी को आम गाड़ी के मुकाबले छह गुना ज़्यादा मिनरल्स की ज़रूरत होती है, जबकि एनर्जी ट्रांज़िशन मिनरल्स का ग्लोबल मार्केट 2040 तक दोगुने से ज़्यादा बढ़कर 770 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। कंपनी की लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी को ‘हिंदुस्तान ज़िंक 2.0’ बताते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड ज़िंक उत्पादक से एक व्यापक एनर्जी ट्रांज़िशन कंपनी बनने की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य अब सिर्फ़ दुनिया की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड ज़िंक उत्पादक कंपनी बने रहना नहीं है। हमारा लक्ष्य भविष्य के लिए तैयार एनर्जी ट्रांज़िशन कंपनी बनना है।”