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जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से पूछे सवालों के जवाब देते हुए कहा प्रदेश के अंदर पूरा माहौल अच्छा है। टिकट वितरण की पूरी प्रक्रिया के लिए अभी बातचीत की गई और सब मिलकर इलेक्शन लड़ेंगे और मैं सब से अपील भी करना चाहूंगा कि तमाम हमारे जो MLA’s, MP’s हैं, तमाम हमारे जिला कांग्रेस कमेटी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, मंडल कांग्रेस कमेटी और पंचायतों के भी जो अध्यक्ष बनाए जा रहे हैं, उन सबको और आम कार्यकर्ताओं को भी कि यह चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस सरकार के ढाई साल में देखा हमने जो पट्टे हम पाँच सौ में दे रहे थे, बारह लाख पट्टे हमने बांट दिए, इस सरकार के वक्त में बार बार अभियान चलाते हैं। अभियान फेल हो रहा है। कोई विकास हो ही नहीं रहा है शहरों के अंदर। नरेगा की तरह हमारी जो योजना थी शहरी रोजगार योजना वो इतना क्रांतिकारी फैसला था, देश के अंदर मेरे ख्याल से आंध्र प्रदेश के बाद में राजस्थान था जिसने यह योजना शुरू करी जिसमें नरेगा के पैटर्न पर शहरों में रोजगार मिले, उसको बंद कर दिया है। तो कई योजनाएं जिनमें राष्ट्रीय – अंतरराष्ट्रीय लोन आता है वो योजनाएं बंद पड़ी है। अभी ये हमारा आईपीडी टावर बन रहा है, यह भी हमने जो स्मार्ट सिटी की स्कीम थी उसको बनाया साथ में लिया, तो बड़े बड़े काम हमने किए हमारे वक्त में। मिस्टर शांति धारीवाल के वक्त में ऐतिहासिक काम हुए हैं यूडीएच- एलसीजी , स्वायत्तशासी संस्थाओं को लेकर और यह बर्बाद कर दिया पूरा इन्होंने, इस मंत्रालय पर ध्यान दे नहीं रहे हैं। ये मंत्रालय बहुत इम्पोर्टेन्ट है शहरों के लिए। शहरों में विस्तार के काम आ गए, जेडीए के अंडर आ गए, जो डेवलपमेंट अथॉरिटी बनी हैं उसमें आ गए हैं, उन गाँवों की तरफ कोई ध्यान दे नहीं रहा है ।
यह डिपार्टमेंट, यह मंत्रालय बहुत इम्पोर्टेन्ट है। उसी के चुनाव हो रहे हैं और सरकार को लेकर लोगों में बहुत गुस्सा है । मैं उम्मीद करता हूं कि कांग्रेस भारी बहुमत से जीतेगी। टिकट का वितरण ढंग से हो जाए, उसके लिए बातचीत हुई है। उम्मीद करते हैं जो जाएंगे ऑब्ज़र्वर उनको ही पीसीसी पूरा अधिकार देकर भेजेगी। आप फैसला वहां की स्थिति, वहां के मेरिट पर करो।
एक भी टिकट सिफारिश पर मत दो। सिफारिश टिकट दिया नहीं वो हारा नहीं, जो जेन्युइन कार्यकर्ता है उसको टिकट मिले बस। चाहे मैं भी सिफारिश करूं, मेरे पास जयपुर कोई आदमी आ गए, मैं किसी के लिए सिफारिश करूंगा। बीकानेर में करूं, भरतपुर में करूं तो मुझे क्या पता वहां स्थिति क्या है। मैं सिफारिश करूंगा, भाई पूर्व मुख्यमंत्री कह रहे हैं, दे दो टिकट इसको। कैसे जीतेगा वो? जीतेगा तभी जब जमीनी हकीकत क्या है, उसके आधार पर टिकट बंटेंगे तो जीतेंगे। बस ये मेरा मानना है।
पत्रकार: साठ फ़ीसदी युवाओं को टिकट देने पर चर्चा चल रही है ?
जवाब : वो मैंने कहा पचास परसेंट से ज्यादा टिकट जेन -जी को, युवाओं को दें। क्योंकि जेन -जी आने के बाद में एक पूरा देश के अंदर जमाना बदल रहा है, नई पीढ़ी आगे आ रही है। सीनियर का अनुभव काम लो, उनको भी साथ रखो। पर जो जेन -जी कहला दीजिए युवा पीढ़ी कहला दीजिए, इसका जो महत्व है, उससे कोई इनकार कर नहीं सकता।
जंतर मंतर पर जो एक आंदोलन किया इन्होंने, और राहुल गांधी जी ने जो धरने दिए पीएम हाउस के बाहर, फिर कांग्रेस कमेटी ने सब जगह धरने दिए, प्रदर्शन किए। मैंने भी भाग लिया दो बार यहां पर जयपुर की सड़कों पर। उसके बाद में एक माहौल बन चुका है कि बदलाव पीढ़ी का हो रहा है, हमें उस भावना को पहचानना चाहिए। युवाओं को जहां मौका मिले, उनको भी काम करना पड़ेगा, उनको भी समर्पित होना पड़ेगा, प्रतिबद्ध होना पड़ेगा पार्टियों के साथ में और जो हमारी नीतियां कांग्रेस की है, कार्यक्रम है, सिद्धांत है, गांधी जी के वक्त के हैं और डॉ. अम्बेडकर के संविधान के अंतर्गत हैं और पंडित नेहरू, मौलाना आजाद, सरदार पटेल ,बड़े – बड़े नेताओं का योगदान है, सब जानते हैं। लंबी कहानी है हमारे इतिहास की।
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