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मुंबई। कई फंड हाउस वेदांता एल्युमीनियम में दिलचस्पी दिखा रहे हैं, और भारत में पावर-ट्रांसमिशन के विस्तार से कंपनी के लिए एल्युमीनियम की लॉन्ग टर्म मांग बढ़ने के मौके भी बन रहे हैं। म्यूचुअल फंड्स ने इक्विटी निवेश में चुनिंदा तरीका अपनाया है। वे बढ़ती ब्याज दरों और कई आईपीओ (इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग) की कतार को देखते हुए अपने पोर्टफोलियो का दोबारा आकलन कर रहे हैं। फंड मैनेजर अलग-अलग सेक्टर में बड़े पैमाने पर निवेश करने के बजाय खास स्टॉक्स के बीच अंतर कर रहे हैं। वे उन कंपनियों में निवेश बढ़ा रहे हैं जिनकी कमाई और ग्रोथ की संभावनाएं बेहतर दिख रही हैं, जबकि दूसरी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम कर रहे हैं या उससे बाहर निकल रहे हैं। संस्थागत निवेशकों के पसंदीदा स्टॉक्स में वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड (बीएसई- 544780, एनएसई- वीएएमएल) भी शामिल रही। एमएफ स्कैनर के म्यूचुअल-फंड पोर्टफोलियो डेटा के अनुसार, अगस्त 2026 में 54 म्यूचुअल फंड्स ने वेदांता एल्युमीनियम में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई या नई हिस्सेदारी खरीदी। इस महीने के दौरान कुल मिलाकर 17.51 मिलियन अतिरिक्त शेयर खरीदे गए। इसमें कई फंड्स की भागीदारी उल्लेखनीय है। नुवामा, एमके ग्लोबल, मोतीलाल ओसवाल, सिटी और इन्वेस्टेक जैसी ब्रोकरेज फर्मों ने भी वीएएमएल को बाय रेटिंग दी है।