‘मुख्यमंत्री जन आवास योजना’ बनी छलावा

11 साल का इंतजार, किस्तें जारी… पर सिर पर छत नदारद!
जाफर लोहानी
www.daylifenews.in
शाहपुरा, मनोहरपुर (जयपुर)। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को अपने खुद के ‘आशियाने’ का सपना दिखाकर अधर में छोड़ देने का एक बड़ा मामला सामने आया है।
शाहपुरा की विनायक कॉलोनी में ‘मुख्यमंत्री जन आवास योजना’ के तहत बनने वाले मकान 11 साल बीत जाने के बाद भी बनकर तैयार नहीं हो सके हैं। वर्ष 2015 में जिन लोगों ने अपने खून-पसीने की कमाई और बैंक से कर्ज लेकर इस आस में रजिस्ट्रेशन कराया था कि उन्हें अपना घर मिलेगा, वे आज भी सरकारी उपेक्षा का शिकार हैं।
किस्तें भर रहे पीड़ित, मकान अब तक अधूरा
योजना के तहत पंजीयन कराने वाले लाभार्थियों का कहना है कि उन्होंने निर्धारित राशि जमा करवाई और कई लोगों ने बैंकों से भारी ब्याज दर पर लोन भी लिया। मकान का कब्जा तो दूर, आज स्थिति यह है कि दीवारें और ढांचा अधूरा खड़ा है, लेकिन बैंक की मासिक किस्तें (EMIs) लगातार जारी हैं। पीड़ित न केवल आर्थिक रूप से टूट चुके हैं, बल्कि मानसिक प्रताड़ना भी झेलने को मजबूर हैं।
बार-बार मिले खोखले आश्वासन
लाभार्थियों का आरोप है कि बीते एक दशक में अधिकारियों और जिम्मेदारों की तरफ से केवल आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। हर बार निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने का दावा किया जाता है, लेकिन धरातल पर काम जस का तस अटका पड़ा है।
उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की उठी मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता दिगराज सिंह शाहपुरा ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से इस पूरे प्रकरण में सख्त रुख अपनाने का आग्रह किया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने तथा लाभार्थियों को तुरंत आशियाना और न्याय दिलाने की मांग की है।
पीड़ितों का दर्द: “हमने अपने जीवन भर की जमा पूंजी इस उम्मीद में लगा दी थी कि सिर पर अपनी छत होगी। आज न मकान मिला और न बैंक की किस्तें बंद हुईं। आखिर हमारे साथ यह अन्याय कब तक चलेगा?”

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