
प्रियंका हॉस्पिटल एंड कार्डियक सेंटर, मानसरोवर जयपुर
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जयपुर। हृदय के एओर्टिक वाल्व का आकार छोटा हो और कोरोनरी धमनियों की ऊंचाई भी कम हो, तो वाल्व बदलने की प्रक्रिया में जटिलताएं बढ़ सकती हैं। ऐसी ही चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मानसरोवर स्थित प्रियंका हॉस्पिटल एंड कार्डियक सेंटर के कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. पीयूष जोशी ने गंभीर एओर्टिक स्टेनोसिस से पीड़ित एक बुजुर्ग महिला की जटिल टीएवीआर प्रक्रिया सफलतापूर्वक की।
मरीज में 20 मिमी का ट्रांसकैथेटर हार्ट वाल्व प्रत्यारोपित किया गया। प्रक्रिया के बाद मरीज की स्थिति स्थिर रही और 48 घंटे के भीतर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। मरीज गंभीर एओर्टिक स्टेनोसिस से पीड़ित थीं। इस बीमारी में हृदय का एओर्टिक वाल्व संकरा हो जाता है, जिससे हृदय को शरीर में रक्त पहुंचाने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इसके कारण सांस फूलना, सीने में दर्द, चक्कर आना और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती है। गंभीर स्थिति में समय पर वाल्व बदलना जरूरी होता है।