पुलिस अधिकारियों हेतु तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

उदय पारीक HRD रिसर्च फाउंडेशन, IIHMR यूनिवर्सिटी, नेशनल एचआरडी नेटवर्क जयपुर चैप्टर
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जयपुर। उदय पारीक HRD रिसर्च फाउंडेशन, IIHMR यूनिवर्सिटी, नेशनल एचआरडी नेटवर्क — जयपुर चैप्टर तथा क्लार्क्स आमेर के संयुक्त तत्वावधान में 15 से 17 अक्टूबर 2026 तक पुलिस अधिकारियों के लिए “Positive Behaviour in Policing” (पुलिसिंग में सकारात्मक व्यवहार) विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों में सकारात्मक दृष्टिकोण, आत्म-जागरूकता, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, सहानुभूति, प्रभावी संवाद एवं नेतृत्व क्षमता का विकास करना तथा पुलिस और आम नागरिकों के बीच विश्वास एवं बेहतर संबंधों को सुदृढ़ करना था।
इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में सकारात्मक व्यवहार, नेतृत्व, पारस्परिक संबंधों तथा संगठनात्मक प्रभावशीलता को बढ़ावा देना था। उदय पारीक HRD रिसर्च फाउंडेशन इसी दृष्टिकोण के साथ व्यक्तियों एवं संस्थानों की क्षमताओं के विकास और कार्यस्थल पर सकारात्मक बदलाव को प्रोत्साहित करने की दिशा में कार्यरत है।
प्रसिद्ध मानव संसाधन विकास विशेषज्ञ एवं प्रबंधन विचारक प्रो. उदय पारीक की विचारधारा से प्रेरित यह पहल पुलिस अधिकारियों के व्यावसायिक विकास के साथ-साथ उनके मानवीय दृष्टिकोण, संवेदनशीलता एवं जनसेवा की भावना को सशक्त बनाने पर केंद्रित रही।
फाउंडेशन के न्यासी मंडल में पारस कुहाड़, बसंत खेतान, ए. के. गुप्ता, श्री अपूर्व कुमार तथा डॉ. सुरभि पुरोहित शामिल हैं।
फाउंडेशन के प्रयासों के माध्यम से मानव संसाधन विकास की अवधारणाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ते हुए पुलिसिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में सकारात्मक एवं रचनात्मक परिवर्तन लाने पर बल दिया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री राजीव शर्मा के मुख्य आतिथ्य में हुआ। उद्घाटन सत्र में पुलिस सेवा में सकारात्मक व्यवहार, प्रभावी नेतृत्व, नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता तथा जनविश्वास की महत्ता पर बल दिया गया।
IIHMR यूनिवर्सिटी, जयपुर ने कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग प्रदान किया। तीन दिनों के दौरान प्रतिभागियों को संवाद, आत्म-मूल्यांकन, समूह चर्चा, अनुभव साझा करने तथा व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से सीखने के अवसर प्राप्त हुए।
कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों के व्यावसायिक एवं व्यक्तिगत विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। इनमें आत्म-जागरूकता एवं भावनात्मक बुद्धिमत्ता, सकारात्मक व्यवहार द्वारा जनविश्वास का निर्माण, सहानुभूति एवं संवेदनशील पुलिसिंग, कठिन परिस्थितियों एवं तनावपूर्ण संवाद का प्रभावी प्रबंधन, सक्रिय श्रवण एवं प्रभावी संचार कौशल, पारस्परिक संबंधों एवं नेतृत्व क्षमता का विकास, सकारात्मक पुलिस संस्कृति का निर्माण तथा प्रशिक्षण से प्राप्त सीख को दैनिक कार्य व्यवहार में लागू करना शामिल था।
प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि पुलिसिंग में व्यावसायिक दक्षता के साथ सम्मानजनक व्यवहार, धैर्य, निष्पक्षता और मानवीय संवेदनशीलता भी अत्यंत आवश्यक हैं।
डॉ. सुरभि पुरोहित, प्रशिक्षक एवं कार्यक्रम समन्वयक, ने प्रशिक्षण सत्रों का संचालन किया। उन्होंने प्रतिभागियों को आत्म-चिंतन, सकारात्मक व्यवहार की पहचान तथा कार्यस्थल पर सकारात्मक परिवर्तन के व्यावहारिक उपायों से परिचित कराया।
समापन समारोह में श्रीमती लता मनोज कुमार, IPS, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP-I), राजस्थान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर डॉ. पी. आर. सोडानी, अध्यक्ष, IIHMR यूनिवर्सिटी ने स्वागत किया। एम. के. देवराजन, पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का संक्षिप्त अवलोकन प्रस्तुत करते हुए इसकी विषयवस्तु, प्रमुख गतिविधियों एवं सीख पर प्रकाश डाला।
समापन सत्र में प्रशिक्षण से प्राप्त सीख को पुलिस अधिकारियों के दैनिक कार्य व्यवहार में अपनाने तथा नागरिकों के साथ विश्वासपूर्ण, संवेदनशील एवं सम्मानजनक संबंध विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के संदेश को भी प्रोत्साहित किया गया। क्लार्क्स आमेर एवं IIHMR की ओर से पौधे भेंट किए गए। क्लार्क्स आमेर की ओर से प्राप्त पौधों को हेम भार्गव ने आठ गणमान्य अतिथियों एवं संसाधन व्यक्तियों को भेंट किया। IIHMR की ओर से प्राप्त पौधे गणमान्य अतिथियों को भेंट किए गए। संसाधन व्यक्तियों को पुस्तकें भी प्रदान की गईं।
कार्यक्रम के अंत में अपूर्व कुमार, अध्यक्ष, उदय पारीक HRD रिसर्च फाउंडेशन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी अतिथियों, IIHMR यूनिवर्सिटी, क्लार्क्स आमेर, प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। अपूर्व कुमार ने आग्रह किया कि राजस्थान के अन्य जिलों में भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए।
यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस अधिकारियों में सकारात्मक कार्य संस्कृति, मानवीय दृष्टिकोण और जनविश्वास को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। कार्यक्रम ने इस संदेश को रेखांकित किया कि सकारात्मक व्यवहार केवल व्यक्तिगत गुण नहीं, बल्कि प्रभावी, संवेदनशील और जनोन्मुख पुलिसिंग की आधारशिला है।

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