शिक्षिका डॉ अनुभा सिंह के शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त

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ग्वालियर। अक्सर जीवन में ऐसा मोड़ आता है जब हम जिस समाज मे थे, जिस संस्था में थे, जिस रिश्ते से जुड़े थे या फिर जिस वतन में रहवसी थे फिर अचानक वहां से विदाई लेने का अर्थात जाने का समय आ जाता है। इस मोड़ पर जब कोई अपना हमसे बिछड़ता है विदा लेता है। तब हमें याद आते है उसके साथ बिताए गए कुछ ऐसे पल, यादों का ऐसा गुलदस्ता जिसमें खुशी के साथ गम भी होता है। ऐसा ही नजारा ग्वालियर जिले के मुरैना रोड स्थित वीरांगना झलकारी बाई कन्या महाविद्यालय में दिखाई दिया। इस नजारे में खुशी और गम दोनों समान विद्यमान थे। इसका मुख्य कारण महाविद्यालय की शिक्षिका डॉ अनुभा सिंह के शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त होना था। जिनके सम्मान में महाविद्यालय परिसर में विदाई कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जैसे ही डॉ अनुभा सिंह ने अपने परिजनों, रिश्तेदारों के साथ महाविद्यालय परिसर में कार्यक्रम में शामिल होने प्रवेश किया वैसे ही महाविद्यालय के प्राचार्य, सभी बच्चे,सभी शिक्षकगण, कर्मचारीगण इत्यादि मुख्य द्वार पर एकत्रित हो गए और अपने सहयोगी साथी काकार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों में मुख्य अतिथि डॉ.अनुभा सिंह को बनाया गया अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ बी एल अहिरवार ने की जबकि शिवराज सिंह, अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम का आरंभ अतिथियों द्वारा महाविद्यालय में उपस्थित चित्र एवं डॉ. अंबेडकर के चित्र पर श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने पुष्प हार पहनाकर किया गया । कार्यक्रम की शुरुआत छात्रा कुमारी सुमन सेंगर की लोक नृत्य की प्रस्तुति से किया गया तदोपरांत महाविद्यालय के सभी शिक्षक कर्मचारी वह छात्राओं ने डॉ अनुभा सिंह का जोशीला जोरदार स्वागत कर उन्हें फूलों की मालाओं से लादने में कहीं कोई कसर नहीं छोड़ी। इसके बाद साथी शिक्षकों वह शिक्षिकाओं ने डॉ अनुभा सिंह के साथ बिताए दिनो की यादों को साझा करते उनके लिए गए कार्यों पर बताया।
उद्बोधन में सर्वप्रथम दो ममता दुबे ने दो अनुभा सिंह की कर कुशलता की जमकर तारीफ की इसी क्रम में डॉक्टर कल्पना भदोरिया चरण जी से डॉ.शशी, डॉ.एम.पी. सिंह, डॉ.आर.एस. भदौरिया अंशु रानी, अर्चना धाकड़,श्रीप्रकाश सिंह निमराजे,अध्यक्ष, गोपाल किरन समाजसेवी संस्था, शिवराज सिंह आदि ने आदि ने डॉ.अनुभा सिंह के अनुभवों कर्मठता की मिसाल दी। बच्चों व शिक्षकों द्वारा डॉ.अनुभा सिंह को उपहार भी दिए गए कार्यक्रम से पूर्व महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी.एल.अहिरवार ने कहा कि मैडम डॉ.अनुभा सिंह की महाविद्यालय में सदैव कमी खलती रहेगी उनके सहज, सरल और मिलनसार व्यक्तित्व को हम कभी नहीं भूल पाएंगे। महाविद्यालय की उन्नति के लिए उन्होंने जो सहयोग तथा कार्य किया उसके लिए महाविद्यालय सदैव उनका अनुकरणीय रहेगा। इसी क्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य श्री अहिरवार द्वारा अनुभव सिंह को महाविद्यालय परिवार की ओर से शाल,पुष्प पुष्पमाला पहनाकर तथा भगवान बुद्ध की प्रतिमा देखकर जैसे ही सम्मानित किया हॉल तालिया की गूंज उठा।
डॉ. अनुराग सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि मेहनत लगन से किए गए कार्यों में सफलता अवश्य मिलती है सदैव अपने कार्य अर्थात ड्यूटी करते रहो ऐसा करने से कभी नकारात्मकता पास में नहीं आएगी जीवन आनंद से सरोवर हो जाएगा। कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित डॉ अनुभा सिंह की बेटी प्रोफेसर प्रियंका,शोभना सिंह (शिक्षक) बेटे प्रणय ने अपनी मां के द्वारा घर परिवार व समाज के लिए किए गए कार्यों को को सबके बीच रखा उन्होंने कहा कि वह जितनी अच्छी शिक्षा है उतनी अच्छी प्यारी मां भी है जिसे शब्दों में कह पाना हमारे लिए मुश्किल है वही यादव भरे इस कार्यक्रम का संचालन डॉ. साधना जैन ने किया। अनुभा सिंह के किए गए कार्य को प्रेजेंट किया।

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