
ताला में हिन्दू मुस्लिम एकता आज भी बरक़रार
जाफ़र लोहानी
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मनोहरपुर (जयपुर)। निकटवर्ती ग्राम ताला की ऊँचि डूँगरी पर विराजमान हिन्दू मुस्लिम एकता के प्रतीक हज़रत बुर्रहानुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह का 2 वार्षिक उर्स कूल की रस्म के साथ में विधिवत सम्पन्न हो गया।
ग्राम पंचायत ताला के सरपंच अमीर खान शेख व सूफ़ी अब्दुल रज्ज़ाक खान शेख़ ने बताया कि 9 सितम्बर मंगलवार को दरगाह के बुलंद दरवाज़े पर झण्डे की रस्म की अदायगी के साथ ही उर्स की शुरुआत हुई इसी के साथ जायरीनों के जत्थे आना शुरू हो गया, रात्रि 9 बजे बाद मिलाद उन नबी कमेटी के द्वारा मिलाद शरीफ हुई जिसमें खुदा के हुकम व नबी के बताए तरीके पर चलने की बात कही गई, इसके बाद में सम्पूर्ण रात्रि तक राजस्थान प्रदेश की कव्वाल पार्टियों द्वारा बाबा की मान मनुहार की गई।
इसी प्रकार 10 सितम्बर बुद्धवार को सुबह 7 बजे के देग को लुटाने की रस्म की अदायगी हुई। नारायणपुर से हिन्दू जायरीनो का जत्था ताला में पहुचा जहा पर दरगाह कमेटी के लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद में सुबह 9 बजे बाद में सामूहिक कव्वाल पार्टियों के द्वारा बाबा की मान मनुहार की गई व 11 बजे कूल की रस्म के साथ ही उर्स का समापन हुआ। दोपहर 12 बजे सराहनीय कार्य करने वालों का सम्मान किया गया। हाजी इशाक खान द्वारा 10 देग नमकीन चावल (चावल,आलू व मटर की बिरयानी) बनवाकर जायरिनों को वितरण करवाई उन्होंने बताया कि ये लंगर पूर्व की भांति हमेशा चलेगा।
इस अवसर पर डॉक्टर रिजवान अहमद, अब्दुल अज़ीज़ लोहानी, मोहसिन खान आदि की दस्तारबंदी की गई। पूर्व सरपंच फ़क़ीर ख़ान शेख़, पूर्व सरपंच अन्नू खान, अनवर खान (रेलवे विभाग वाले), हाजी शकूर खान शेख, पप्पू खान शेख, हाजी ईशाक सिलार, ईशाक खान ताला, इमामुद्दीन (वाटरवर्क्स वाले) आदि उपस्तीथ थे।
बाबा के दिवानो (हिन्दू जायरिनों) का जत्था आया
नारायणपुर से हिन्दू जायरीनो का जत्था ताला में पहुचा जहा पर दरगाह कमेटी के लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस जत्थे के द्वारा बाबा की मजार शरीफ पर चादर चढ़ाई गई तथा देश में अमन चैन भाईचारा सुख समृद्धि शांति तथा देश की उन्नति तरक्की के लिए दुआ की गई।
सोनी सेवी नन्दराम महेंद्र सैनी धीरज सैनी भीमचन्द सैनी कानपुरा नारायणपुर ने बताया की दरगाह में सर्वसमाज के लोग पुरी अकीदत के साथ जियारत के लिए पंहुचते है ऐसी मान्यता है कि यहां लोगों की मन्नत पुरी होती है। दरगाह में प्रतिवर्ष काफी संख्या में जायरीन जियारत के लिए दरगाह पहुंचते हैं। खासकर जायरीन हजरत बुर्रहनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्ला आलेह के सालाना उर्स का बेसब्री से इंतजार करते हैं, उर्स के मौके पर दरगाह में एवं दरगाह के बाहर रंग बिरंगी लाईटों से सजावट की गई है जो की आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।