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जयपुर। पंजाब में आई भीषण बाढ़ ने लाखों ज़िंदगियों को प्रभावित किया है। इस कठिन दौर में जहाँ हर तरफ़ मायूसी और तकलीफ़ का माहौल है, वहीं राजस्थान की नन्हीं समाजसेविका इनाया खान ने अपने प्रेरणादायी संदेश और अपील से लोगों के दिलों को छू लिया है।
महज़ 13 वर्ष की इनाया खान ने अपने संवेदनशील संबोधन में कहा –
“आज पंजाब और हमारे किसान भाइयों को हमारी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है। जिन्होंने अपने पसीने और मेहनत से पूरे मुल्क का पेट भरा, वही आज मुसीबत में हैं। बाढ़ ने घर उजाड़ दिए, परिवार बिछड़ गए, मासूम बच्चों की हँसी छीन ली और बुज़ुर्गों की आँखों में आँसू छोड़ दिए। यह दृश्य हर दिल को उदास कर देता है। लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि अंधेरा चाहे कितना भी गहरा क्यों न हो, उम्मीद की रौशनी उसे मिटा देती है।”
इनाया ने आगे कहा –
“पंजाब की मिट्टी ने हमें हमेशा मेहनत, बहादुरी, मोहब्बत और भाईचारे का सबक दिया है। आज वही पंजाब हमसे उम्मीद लगाए बैठा है। हमारी मदद केवल खाने-पीने या कपड़ों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि हमें उनके दिलों को सहारा देना है, उनके ज़ख़्मों पर मरहम रखना है और उन्हें यह अहसास दिलाना है कि वे अकेले नहीं हैं।”
उन्होंने नौजवानों को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा –
“आप ही इस मुल्क का भविष्य हैं। अगर आप आज आगे बढ़ेंगे तो पंजाब के बच्चे, जो आज आँसू बहा रहे हैं, कल वही बच्चे मुस्कुराते हुए नए ख़्वाब देखेंगे। आइए, हम सब मिलकर उनके लिए एक नई सुबह लाएँ।”
इनाया खान की अपील का असर यह है कि राजस्थान सहित कई राज्यों के सामाजिक संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएँ और आम लोग आगे आकर बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए हाथ बढ़ा रहे हैं। राहत सामग्री, आर्थिक सहयोग और दवाइयों के साथ-साथ लोग मानसिक और भावनात्मक सहारे के रूप में भी योगदान दे रहे हैं।
इस अवसर पर “Inaaya Global Foundation” ने भी घोषणा की है कि वह पंजाब बाढ़ पीड़ितों के लिए हर संभव मदद का प्रयास करेगा। संस्था का उद्देश्य न केवल राहत पहुँचाना है बल्कि प्रभावित परिवारों को दीर्घकालिक सहयोग और पुनर्वास में भी सहायता प्रदान करना है।
इनाया ने अपने संदेश के अंत में कहा –
“इंसानियत सबसे बड़ा मज़हब है और मोहब्बत सबसे बड़ी ताक़त। जब हम मोहब्बत और भाईचारे के साथ किसी का हाथ थामते हैं, तो सिर्फ़ एक इंसान की मदद नहीं करते, बल्कि पूरे समाज को मज़बूत बनाते हैं। आइए, मिलकर पंजाब के लिए उम्मीद और मोहब्बत की वह रौशनी जलाएँ जो हर अंधेरे को मिटा दे।”
यह पहल साबित करती है कि छोटी उम्र में भी बड़ा दिल और बड़ी सोच इंसानियत की मिसाल बन सकती है। इनाया खान और Inaaya Global Foundation की यह अपील समाज में नई ऊर्जा और भाईचारे का संदेश लेकर आई है, जो आने वाले दिनों में और भी बड़े स्तर पर सहयोग का कारण बनेगी।