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रायपुर। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर, जो “बिल्डिंग बिजनेस ओनर्स” के लिए प्रसिद्ध है, ने अपने वार्षिक एचआर समिट 2025 का सफल आयोजन किया। सम्मेलन का विषय था – “पीपल, पर्पस एंड पॉसिबिलिटीज़”। यह दो दिवसीय आयोजन उद्योग जगत, एचआर विशेषज्ञों और शिक्षाविदों का संगम बना, जिसमें मानव संसाधन प्रबंधन के बदलते स्वरूप और उद्देश्य-आधारित, भविष्य के लिए तैयार संगठनों की भूमिका पर विचार-विमर्श हुआ।
शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए, आईआईएम रायपुर के डायरेक्टर-इन-चार्ज, प्रो. संजीव पराशर ने कहा, “काम का भविष्य ऐसे नेताओं की मांग करता है जो प्रक्रियाओं और प्रदर्शन से आगे सोचते हैं—जो विवेक और करुणा से नेतृत्व करते हैं। एचआर समिट 2025 यह विश्वास दोहराता है कि जब हर निर्णय के केंद्र में ‘लोग’ होते हैं, तो संभावनाएं बढ़ती हैं और उद्देश्य प्रगति की नींव बन जाता है। हमारा लक्ष्य ऐसे नेताओं को प्रेरित करना है जो संगठनों को मजबूत, नैतिक और भविष्य उन्मुख बनाएं।” सुपर्णा टंडन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नेशनल पेंशन सिस्टम ट्रस्ट (एनपीएस ट्रस्ट), ने अपने मुख्य वक्तव्य में नैतिक नेतृत्व, अनुकूलनशीलता और विश्वास-आधारित निर्णय लेने की भूमिका पर बल दिया। विशिष्ट अतिथि रजिता सिंह, चीफ पीपल ऑफिसर, किंड्रिल ने एचआर की बदलती भूमिका पर अपने विचार रखे।
इस समिट में 35 से अधिक प्रतिष्ठित वक्ताओं ने भाग लिया, जिनमें सिटी, टाटा मोटर्स, ब्रिजस्टोन इंडिया, किंड्रिल, एक्सेंचर, पेयू, बीपीसीएल, एस्टर डीएम हेल्थकेयर और मोज़ेक वेलनेस जैसी प्रमुख कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी और एचआर प्रमुख शामिल थे।