अजमेर में मनरेगा योजना को लेकर विरोध प्रदर्शन में डोटासरा शामिल

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जयपुर। मनरेगा का नाम परिवर्तित करने एवं मनरेगा योजना को कमजोर करने के विरोध में आज अजमेर जिले में आयोजित विरोध-प्रदर्शन में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा शामिल हुए।
विरोध-प्रदर्शन में उपस्थित कांग्रेसजनों को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि मनरेगा के कानून में परिवर्तन को लेकर पूरे प्रदेश में जन संघर्ष चल रहा है, सभी कांग्रेस नेता एकजुट होकर जनता की लड़ाई लड़ रहे हैं। विरोध-प्रदर्शन इसलिए किया जा रहा है क्योंकि मनरेगा रोजगार गारंटी योजना एक कानून है, इसके तहत हर व्यक्ति पंचायत में जाकर अपने लिए काम मांग सकता था, उसे या तो काम दिया जाता था अथवा भत्ता देना आवश्यक था, नये कानून में यह प्रावधान समाप्त कर दिया गया है। अब मांगने पर काम नहीं मिलेगा, भाजपा सरकार तय करेगी कहां काम दिया जाए और कहां बजट दिया जाए, जिसका तात्पर्य यह है कि भाजपा सरकार तय करेगी कि यदि उनके वोटर हो उसी स्थान पर काम दिया जाए, जो पूर्ण रूप से गलत है। 1 जनवरी के बाद काम के अधिकार को समाप्त किया जायेगा, जब लोग काम मांगने जायेंगे तो उन्हें कहा जाएगा की जो स्थान केन्द्र सरकार ने चिन्हित किया है, जहां के लिए केन्द्र सरकार ने बजट दिया है वही काम मिलेगा, यह केन्द्र सरकार का गरीब के पेट पर लात मारने वाला कानून है जिसे एनडीए सरकार ने लागू कर दिया है। दूसरा इस नये कानून के तहत 125 दिन काम देने का वादा किया जा रहा है, लेकिन 11 साल में मोदी सरकार ने अपने शासन में मात्र औसतन 46 दिन का काम प्रतिवर्ष दिया है, किसी को 100 दिन का काम नहीं मिला, यदि 100 दिन का काम केन्द्र सरकार ने दिया होता तो 125 दिन का प्रावधान की बात समझ में आती, लेकिन भाजपा सरकार की नीयत खराब है। उन्होंने कहा कि नाथूराम गोडसे के अनुयायी होने के कारण महात्मा गांधी के नाम वाली योजना को भाजपा ने बदल दिया है। तीसरी प्रमुख बात यह है कि पहले मनरेगा योजना के तहत शत-प्रतिशत केन्द्र का बजट होता था, राज्य सरकारों पर कोई भार नहीं होता था, अब नए कानून के लागू होने पर 60 प्रतिशत केन्द्र देगा और 40 प्रतिशत राज्य पर भार आएगा, जिसे राज्यों को ही वहन करना होगा, जो राज्य सरकार अपने संसाधनों से कर्मचारियों को तनख्वाह नहीं दे पा रही वह 40 प्रतिशत इस योजना के तहत योगदान देकर रोजगार कैसे दे पाएंगे। आज जानकारी में आया है कि राजस्थान पर 160000 करोड़ का कर्ज चढ़ गया है ऐसे में इसी नए कानून के तहत रोजगार देने के लिए 40 प्रतिशत तक का खर्चा सरकार कैसे वहन करेगी, यही बात सभी कांग्रेसजनों को प्रदेशभर के गांव-गांव, ढाणी-ढाणी तक पहुंचानी है क्योंकि राज्य सरकार अपने हिस्से का खर्च नहीं कर पाएंगे और मनरेगा जैसी योजना समाप्त हो जाएगी। नए कानून के तहत केन्द्र सरकार के पास यह अधिकार हो गया है कि वह स्थान चिन्हित कर इस योजना के लिए राशि आवंटित करें जिसका सीधा तात्पर्य है कि भाजपा शासित राज्यों में जहां बीजेपी के विधायक होंगे उन्हीं स्थानों के लिए यह योजना लागू होगी और वहीं पैसे मिलेंगे, जहां कांग्रेस सरकार होगी या कांग्रेस के विधायक होंगे वहां भाजपा की केन्द्र सरकार अपना 60 प्रतिशत का अंशदान भी नहीं देगी।
श्री डोटासरा ने कहा कि नए कानून के तहत किस तरह से गरीब के हितों पर वार किया गया है इस बात को गांव-गांव, ढाणी-ढाणी तक पहुंचाना होगा, क्योंकि मनरेगा वह योजना थी जिसने गांव के गरीब का चूल्हा जलाकर पेट भरने का काम किया और गरीब की बेटी का हाथ पीले करने का काम किया है। मनरेगा ने गरीबों को गांव के साहूकार के आगे झोली फैलाने से मुक्त करने का काम किया, उस मनरेगा को गांधी जी के विचारों के अनुरूप पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. डॉ. मनमोहन सिंह और कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने मनरेगा का कानून लागू कर दिया था। आज भाजपा की केन्द्र सरकार इस मनरेगा योजना को छलनी करने का काम कर रही है, सभी कांग्रेसजन एकजुट होकर धर्म, जाति, तेरा-मेरा की सीमा से बाहर निकल कर युवा, गरीब, मातृशक्ति को साथ लेकर जन सेवा में जुट जाए, यही कांग्रेस की विचारधारा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कर्तव्य है, जहां भी किसी गरीब पर अत्याचार हो रहा है पीडि़त की मदद के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को खड़ा होना पड़ेगा, चाहे कितना भी बलिदान करना पड़ जाए पीडि़त को न्याय दिलाना होगा। हमारे पूर्वजों ने यदि स्वयं के बारे में सोचा होता तो देश आजाद नहीं होता।
उन्होंने आह्वान किया कि सभी कांग्रेस कार्यकर्ता, नेता एकजुट होकर जनता की सेवा के लिए स्वयं को समर्पित कर दें। उन्होंने कहा कि 11 वर्ष से मोदी जी ने संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को कुचलने का काम किया है, लेकिन भाजपा के नेताओं को भी यह बताना आवश्यक है कि नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े के कार्यकर्ता बब्बर शेर है, जो मोदी सरकार की धमकियों और तानाशाही से दबने वाले नहीं है, संघर्ष करेंगे, केन्द्र से साम्प्रदायिकता का जहर फैलाने वाले लोगों को सत्ता से उखाड़ फेकेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्ची से मुख्यमंत्री बने अब तक दिल्ली में 40 हाजिरी लगा चुके हैं, लेकिन आज तक 40 पैसे का काम प्रदेश के लिए नहीं ला पाए, चाहे वह जनता को भ्रमित करने के लिए कितने भी भाषण दे दें, उनकी पर्ची अब बदलने वाली है, क्योंकि प्रदेश में 2 साल के भाजपा शासन में कोई काम नहीं हुआ, जनता त्रस्त है, बुजुर्गों को पेंशन नहीं मिल रही है, ना किसानों को खाद् मिल रही है, ना बेरोजगारों को भत्ता मिल रहा है, जिन्होंने मनरेगा में काम किया उन्हें पेमेंट नहीं मिल रहा, सडक़ों के हालात बत्तर हैं। भाजपा के लोग संविधान नहीं मानते हैं, सरकारी धनबल और बाहुबल से सरकारें गिराते हैं और अब तो वोट चोरी कर सरकार बनना चाहते हैं। प्रदेश में ही 40 लाख वोटरों के नाम काट दिये गये हैं, इसलिए सभी कांग्रेसजनों को तन-मन से एकजुट होकर भाजपा की केन्द्र सरकार के विरुद्ध संघर्ष कर संविधान को नहीं मानने वाले लोगों को सत्ता से हटाना होगा। यह जानकारी स्वर्णिम चतुर्वेदी महासचिव व मीडिया चेयरपर्सन ने प्रेस विज्ञप्ति में दी।

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