


कांग्रेस स्थापना दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का किया शुभारम्भ
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जयपुर। कांग्रेस स्थापना दिवस के अवसर पर आज राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय, जयपुर पर प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने कांग्रेस पार्टी का झण्डा फहराकर सभी कांग्रेसजनों को स्थापना दिवस की बधाई दी और प्रदेशभर में कांग्रेस स्थापना दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यालय जयपुर पर एक विचार गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। विचार गोष्ठी में प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सी. पी. जोशी तथा कांग्रेस नेता सुनील शर्मा ने कांग्रेस विचारधारा एवं इतिहास में किये गये कार्यों के साथ वर्तमान परिप्रेक्ष्य में कांग्रेस के समक्ष चुनौतियों को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किये।
संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुये प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाते हुये राष्ट्रवादी आन्दोलन के रूप में स्थापित कांग्रेस पार्टी के स्थापना दिवस पर सभी देशवासियों को बधाई एवं शुभकामनायें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के महान् नेताओं ने देश की आजादी की लिये लड़ाई लडक़र अंग्रेजों की गुलामी से भारत को आजाद कराया था, लेकिन आज की परिस्थितियों में ऐसी ताकतें केन्द्र की सत्ता पर काबिज हो गई हैं जो सरकारी शक्तियों को दुरूपयोग कर आम देशवासी की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का कार्य कर रहे हैं। देश में लोकतंत्र है लेकिन आम व्यक्ति को चिंता है कि क्या वह आजादी से अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं, क्या मन मुताबिक कार्य कर सकते हैं, सरकारों से अपने अधिकारों के लिये लडऩा पड़ रहा है। देश में आज इस तरह का वातावरण बना दिया गया है कि जिस आजादी और लोकतंत्र की परिकल्पना संविधान लागू कर महात्मा गॉंधी एवं पं. जवाहरलाल नेहरू सहित महान् स्वतंत्रता सैनानियों ने की थी उस आजादी पर आज अंकुश केन्द्र सरकार लगा रही है। प्रधानमंत्री लगातार विदेशों के दौरे कर रहे हैं, छोटे-छोटे देशों में जो भारत पर निर्भर हैं, सम्मान के रूप में मेडल लेकर आ रहे हैं, लेकिन देश के हित में क्या लाये, यह आज बताने में कोई समर्थ नहीं है। पड़ौस के छोटे-छोटे मुल्क भारत के प्रति सद्भाव के विचार नहीं रख रहे हैं, यह हमारी विदेश नीति की विफलता है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. श्रीमती इंदिरा गॉंधी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर बांग्लादेश बना दिया था, किन्तु आज वही बांग्लादेश भी भारत के प्रति सही नजरिया नहीं रखता है जो सोचनीय प्रश्र है। यूपीए शासन में आम जनता के कल्याण के लिये जो जनहित की योजनायें लागू हुई थीं, चाहे मनरेगा, आरटीआई हो अथवा खाद्य सुरक्षा अधिनियम हो, इन्हें कमजोर किया जा रहा है या बदला जा रहा है। देश में तानाशाही कायम करने का प्रयास हो रहा है, एक व्यक्ति अपनी इच्छा सभी देशावासियों पर थोपना चाहता है। आज जिस प्रकार से लोकतंत्र विरोधी वातावरण देश में बनाया जा रहा है, सभी कांग्रेसजनों का दायित्व बनता है कि स्वतंत्रता आन्दोलन में जिस प्रकार पार्टी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुटता के साथ अंग्रेजों के विरूद्ध लड़ाई थी, उसी प्रकार अब सबको साथ लेकर चलते हुये देश के लोकतंत्र एवं देशवासियों के अधिकारों की रक्षा की लड़ाई लड़ें। देश में वर्गों को लड़ाने का काम भाजपा के लोग कर रहे हैं, समाज को बांटा जा रहा है और जो अधिकार संविधान के तहत् कानून बनाकर कांग्रेस की सरकारों ने नागरिकों को दिये उन्हें बदला जा रहा है। देश में भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिये आरटीआई कानून कांग्रेस सरकार ने लागू किया था उसे कमजोर कर दिया गया है। कोई भूखा नहीं सोये और स्वाभिमान के साथ अपना जीवनयापन करे इसलिये कांग्रेस ने देश में काम अधिकार देते हुये मनरेगा कानून बनाया था इसे भी समाप्त कर दिया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत् लाभार्थियों के नाम काटकर इस योजना को भी कमजोर किया गया है। भाजपा के लोग भ्रम फैला रहे हैं कि मनरेगा से महात्मा गॉंधी का नाम बदल दिया, इसलिये कांग्रेस आन्दोलन कर रही है जबकि सच्चाई यह है कि भाजपा के नेताओं से महात्मा गॉंधी के नाम पर योजना की अपेक्षा ही नहीं की जा सकती क्योंकि यह लोग नाथूराम गोडसे के अनुयायी हैं, कांग्रेस का संघर्ष इस कानून के तहत् जो काम का अधिकार ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीबों को मिला था उसे केन्द्र सरकार द्वारा खत्म किये जाने को लेकर है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. डॉ. मनमोहन सिंह तथा कांग्रेस सीपीपी नेता श्रीमती सोनिया गॉंधी की परिकल्पना के आधार पर मनेगा के तहत् सभी ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब परिवारों को रोजगार का अधिकार मिला था, मांगने पर काम मिलता था, अपने ही क्षेत्र में रहकर स्वाभिमान के साथ जीने का अधिकार मिला था, उसे छीनने का काम भाजपा सरकार ने किया है जिसको लेकर कांगे्रस पार्टी का विरोध है। काम के अधिकार को छीनने के साथ ही केन्द्र सरकार ने किसे काम देना, किस जिले में काम देना है, यह निर्धारण करने का भी निर्णय स्वयं को प्रदान किया है, अब यह होगा कि केन्द्र सरकार तय करेगी किस राज्य में और किस जिले नई योजना के तहत् काम दिया जाये, भेदभाव किया जायेगा, कांग्रेस और विपक्षी दलों की सरकार वाले राज्यों में अथवा कांग्रेस के जनप्रतिनिधि जिस क्षेत्र से वहॉं केन्द्र सरकार नई योजना के तहत् काम नहीं देगी। भाजपा ने भेदभाव का कार्य तो प्रारम्भ कर दिया है, फसल खराबे को लेकर किसानों को मुआवजा भी देने में भेदभाव किया जा रहा है। एक ही जिले में अतिवृष्टि से हुये फसल खराबे को लेकर भाजपा के जनप्रतिनिधियों के क्षेत्रों मेें फसल खराबा चिन्हित किया गया, लेकिन उसी जिले के कांग्रेस पार्टी के जनप्रतिनिधियों के क्षेत्र के किसानों को फसल खराबे का मुआवजा देने हेतु चिन्हित नहीं किया गया, जबकि अतिवृष्टि एक समान पूरे जिले में हुई और एक समान ही फसल का खराबा हुआ था। भाजपा के शासन में प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है, डबल इंजन की सरकार दोनों हाथों से दुगुनी गति से भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है, आम आदमी के जायज काम भी नहीं हो रहे हैं, पूरी सरकार और नौकरशाही भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है। अरावली पर्वतमाला की नई परिभाषा देकर प्रदेश के पर्यावरण संतुलन को दाव पर लगाने का भाजपा ने कार्य किया है, भाजपा के नेता एवं भाजपा की सरकार अरावली को खनन्कर्ताओं को सौंपकर अरावली समाप्त करने हेतु कार्य कर रही है, यह प्रदेश के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा घोटाला है। केन्द्रीय मंत्री जो राजस्थान से ही आते हैं, ने पहले अलवर के सरिस्का क्षेत्र में खनन् चालू कराने हेतु बंद पड़ी माईन्स दुबारा शुरू हो सकें इसलिये सीटीएच बदलने का निर्णय लिया था और अब अरावली पर्वतमाला को ही खनन् के हवाले करने के लिये कवायद की है जो कि भ्रष्टचार का सबसे बड़ा उदाहरण है। यदि अरावली पर्वतमाला समाप्त हो गई तो प्रदेश में रेगिस्तान का विस्तार होगा, बरसात खत्म हो जायेगी और प्रदेशवासी आम जरूरतों को पूरा करने के लिय तरस जायेंगे। पूरे प्रदेश में अरावली पर्वतमाला की रक्षा के लिये और मनरेगा कानून के तहत् रोजगार के अधिकार के लिये जिला स्तर पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं, अधिकांश स्थान पर हो चुके हैं, जहॉं कल तक नहीं हुये, वहॉं आज होंगे, यदि कोई कांग्रेस कार्यक्रमों में कोताही बरतेगा तो उसे नोटिस देकर जवाब तलब किया जायेगा। कांग्रेस पार्टी भाजपा की केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा मनरेगा में रोजगार के अधिकार को छीनने तथा अरावली पर्वतमाला को समाप्त करने का षडय़ंत्र कर रही है उसके खिलाफ जिला, ब्लॉक, मण्डल और बूथ स्तर पर जन जागरण अभियान चला रही है, इस जन जागरण अभियान में सभी कांगे्रसजनों व सभी जप्रतिनिधियों को पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल होना अनिवार्य है, यदि कोई व्यक्ति इसमें कोताही बरतेगा तो उससे प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जवाब-तलब किया जायेगा। कांग्रेस के सिम्बल पर जीते हुये सभी जनप्रतिनिधियों को संगठन के अभियान में शामिल होना अनिवार्य है क्योंकि देश में जिस प्रकार की तानाशाही चल रही है उससे एकजुट होकर ही लड़ा जा सकता है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा मनरेगा का कानून समाप्त कर योजना कमजोर करने के विरोध में 5 जनवरी से देशव्यापी अभियान चलाया जायेगा और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश में मनरेगा तथा अरावली पर्वतमाला के मुद्दे पर एआईसीसी के निर्देशों के तहत् अभियान में शामिल होकर आन्दोलन को सफल बनाने हेतु पूरी ताकत से जुटेगी।
उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस स्थापना दिवस के अवसर पर सभी कांग्रेसजन संकल्प लेकर जायें कि पार्टी की विचारधारा को एकजुटता के साथ आमजन तक पहुॅंचायेंगे, साथ ही भाजपा की केन्द्र एवं प्रदेश सरकार जिस प्रकार आम आदमी के अधिकारों को एक-एक कर समाप्त कर रही है, मनरेगा के तहत् मिलने वाले रोजगार के अधिकार को समाप्त किया गया व प्रदेश की जीवनदायनी अरावली पर्वतमाला को समाप्त करने का षडय़ंत्र रचा जा रहा है, इसे उजागर करने हेतु गॉंव-गॉंव, ढाणी-ढाणी जाकर आम आदमी की के बीच जन जागरण करने का कार्य करेंगे।