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वर्तमान समय में देश और समाज का वातावरण दिन ब दिन बिगड़ता जा रहा है। लोगों में सहनशीलता का कमी होती जा रही हैं। कोई भी व्यक्ति, उच्च पद पर आसीन अधिकारी, विधायक, सांसद बिना सोचे समझे कुछ भी बोल देते हैं। सोश्यल मीडिया के कारण तुरंत ये हेट स्पीच पूरे विश्व में वायरल हो जाती है। इससे समाज व देश का वातावरण खराब होता है। आपसी सद्भाव पर बहुत गहरा असर पड़ता है। सांप्रदायिक तनाव व कड़वाहट बढ़ती है। इस पर रोक लगाने के लिए त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है। गंभीर मामलों में जुर्माना, कारावास और दंड का प्रावधान होना चाहिए।
जन जागरूकता अभियान चलाना चाहिए, ताकि घृणा फैलाने के विरुद्ध आमजन को जागरूक किया जा सके और वह इसका विरोध कर सके। स्वतंत्र निरीक्षण निकायों की स्थापना की जाए ताकि हेट क्राइम करने वालों पर निगरानी रखी जा सके।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हेट क्राइम के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय समझौते व प्रभावी रणनीतियों के लिए वैश्विक मंच की स्थापना हो। इस पर रोक लगाने के लिए नागरिक समाज की भागीदारी को शामिल किया जाना चाहिए ताकि सामाजिक सद्भाव, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ असामाजिक तत्वों द्वारा दिये गए हेट स्पीच को अस्वीकार कर सके। (लेखिका के अपने विचार हैं)
लेखिका : लता अग्रवाल, चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)।