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मुंबई। एसोसिएशन ऑफ इन्वेस्टमेंट बैंकर्स ऑफ इंडिया (एआईबीआई) ने मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में स्थित जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में अपना 14वां वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें शीर्ष नियामकों, बाज़ार की प्रमुख हस्तियों, नीति निर्माताओं, निवेशकों और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग से जुड़े पेशेवरों सहित 1500 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
एआईबीआई के अध्यक्ष और पैंटोमैथ कैपिटल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, महावीर लूनावत ने 14वें सालाना सम्मलेन में कहा, “भारत ऐसे मुकाम पर है जहां पूंजी बाज़ार निवेशकों की लगातार बढ़ती संख्या के साथ और मज़बूत हो रहे हैं। एआईबीआई में, हम निरंतर सुदृढ़ निवेश संस्कृति बनाने और बेहतर पूंजी निर्माण के लिए ज्ञान और जानकारी तक पहुंच प्रदान कर ध्यान देते हैं और ये पहल उसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।”
इस सम्मेलन में सेबी के अध्यक्ष, तुहिन कांत पांडे के साथ-साथ एनएसई के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी, आशीषकुमार चौहान, बीएसई के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी सुंदररमन राममूर्ति, एआईबीआई के अध्यक्ष महावीर लुनावत और अन्य प्रमुख गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। सेबी, स्टॉक एक्सचेंजों, एसेट मैनेजरों, मर्चेंट बैंकरों और जारीकर्ताओं (इशुअर) के वरिष्ठ नेतृत्व की उपस्थिति ने वैश्विक मंच पर भारत के पूंजी बाज़ारों के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। प्रमुख सत्रों में पूंजी निर्माण में एक्सचेंजों की भूमिका, एसएमई आईपीओ, पूंजी निर्माण के इंजन के रूप में म्यूचुअल फंड, और बाजार पहुंच को सरल बनाने और आईपीओ बाज़ारों में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से किए गए सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया गया।