
राष्ट्रीय बालिका दिवस 24 को
जाफ़र लोहानी
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मनोहरपुर (जयपुर)। दुःखी दिलो का सहारा भामाशाह मोहन कुड़ी ने कहा कि राष्ट्रीय बालिका दिवस एक महत्वपूर्ण दिवस है, जो हर साल 24 जनवरी को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों और उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, और समृद्धि के लिए जागरूकता बढ़ाना है।
कुड़ी ने इस दिवस का महत्व बताया कि बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा करना, उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा देना, समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है!
कुड़ी जी ने जागरूकता के बारे में बताया कि यह दिन बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाता है, और समाज में व्याप्त लिंग भेदभाव को खत्म करने का प्रयास करता है।
कुड़ी ने सशक्तिकरण के बारे में बताया कि इसका उद्देश्य लड़कियों को सशक्त बनाना और उन्हें लैंगिक भेदभाव के बिना आगे बढ़ने के लिए समान अवसर और वातावरण प्रदान करना है।
कुड़ी ने सरकारी पहल के बारे में बताया कि यह दिवस ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों के अनुरूप है, जो बालिकाओं के समग्र विकास पर केंद्रित हैं।
उन्होंने संक्षेप मेंबताया कि यह दिन बालिकाओं के सामने आने वाली चुनौतियों (जैसे बाल विवाह, कन्या भ्रूण हत्या) पर ध्यान आकर्षित करता है और उन्हें सशक्त बनाने के लिए प्रेरित करता है, जिससे वे समाज का एक मजबूत हिस्सा बन सकें।