

स्वतंत्रता सेनानियों और स्वतंत्रता के लिए लड़ने वाले भारत के कुछ उत्कृष्ट राजनेताओं को समर्पित पुस्तक “भारत के युग पुरुष”
लेखक : डॉ कमलेश मीना
सहायक क्षेत्रीय निदेशक, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, इग्नू क्षेत्रीय केंद्र जयपुर राजस्थान। इग्नू क्षेत्रीय केंद्र जयपुर, 70/80 पटेल मार्ग, मानसरोवर, जयपुर, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार।
एक शिक्षाविद्, स्वतंत्र सोशल मीडिया पत्रकार, स्वतंत्र और निष्पक्ष लेखक, मीडिया विशेषज्ञ, सामाजिक राजनीतिक विश्लेषक, वैज्ञानिक और तर्कसंगत वक्ता, संवैधानिक विचारक और कश्मीर घाटी मामलों के विशेषज्ञ और जानकार।
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शहीद दिवस के अवसर पर, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, प्रकाशक और मीडिया विशेषज्ञ सद्दीक अहमद जी ने मुझे सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी स्वर्गीय डॉ. सत्यनारायण सिंह जी द्वारा लिखित और सद्दीक अहमद द्वारा संपादित पुस्तक “भारत के युग पुरुष” भेंट की। यह भेंट 30 जनवरी 2026 को इग्नू क्षेत्रीय केंद्र जयपुर मेरे कार्यालय में हुई।
यह एक सर्वविदित तथ्य है कि हमारे देश ने स्वदेशी, स्वतंत्रता और स्वच्छता को एक सूत्र में पिरोकर गौरवशाली भारत के निर्माण में गांधी जी के दृष्टिकोण को स्वीकार किया। प्रत्येक वर्ष 30 जनवरी को, देश महात्मा गांधी के जीवन और विरासत को श्रद्धांजलि अर्पित करता है, जो देश के स्वतंत्रता संग्राम के मार्गदर्शक थे। आज राष्ट्र, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 78वीं पुण्यतिथि और शहीद दिवस पर देश उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। इस अवसर पर, नई दिल्ली के राजघाट स्थित गांधी समाधि पर सर्वधर्म प्रार्थना का आयोजन किया गया।
हर साल 30 जनवरी को राष्ट्र महात्मा गांधी के जीवन और विरासत को याद करता है, जो देश के स्वतंत्रता संग्राम के मार्गदर्शक थे। इस दिन को शहीद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है, ताकि भारत की स्वतंत्रता और एकता के लिए प्राणों की आहुति देने वाले सभी स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जा सके।
मेरे लिए वास्तव में यह एक और बेहतरीन अवसर था कि मुझे इस तरह की ज्ञानवर्धक पुस्तक मिली, जिसमें भारत के उन कई उत्कृष्ट व्यक्तियों के बारे में खूबसूरती से बताया गया है जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया और कई व्यक्तियों ने हमारे स्वतंत्रता सेनानियों की दृष्टि से आज के भारत को बनाने में योगदान दिया। यह पुस्तक भारत की उन कई महान हस्तियों के संकलन पर आधारित है जिन्होंने राष्ट्र के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान दिया और स्वतंत्रता के बाद अपने दूरदर्शी विचारों और नेतृत्व से एक नए भारत का निर्माण किया।
सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी स्वर्गीय डॉ.सत्यनारायण सिंह जी मेरे गृह जिले सवाई माधौपुर में बतौर कलेक्टर के रुप में रहे तो उनका कार्यकाल बहुत ही ‘प्रभावी कार्यकाल’ रहा। वह सेवानिवृत्त होने के बाद भी समाज और दीन दुखियों की सेवा के लिए तत्पर रहे। सेवानिवृत्ति के बाद कांग्रेस सरकार ने उन्हें डांग विकास बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया। करौली की राजनीति में उनका बहुत गहरा असर रहा, जिसके चलते उन्होंने करौली विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव भी लड़ा लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे समाज और गरीबों की सेवा के प्रति समर्पित रहे। आदरणीय सादिक अहमद जी, मुझे इतनी सुंदर, ज्ञानवर्धक, सूचनापूर्ण और प्रासंगिक पुस्तक देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद, जिसमें न केवल हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में बल्कि स्वतंत्र भारत के कुछ उत्कृष्ट राजनेताओं के बारे में भी बताया गया है जिन्होंने भारत के विभिन्न राज्यों के लिए बहुत योगदान दिया।
आज के इस खूबसूरत पल के लिए एक बार फिर दिल से धन्यवाद आदरणीय सद्दीक अहमद।
“कर्म ही हैं जिनसे मानव जग में ख्याति पाते हैं
कर्मयोगी ही इस जग में सदा ही पूजे जाते हैं…”
(लेखक के अपने विचार हैं)