
लेखिका : लता अग्रवाल
चित्तौड़गढ़, (राजस्थान)।
स्लीप लेन का मतलब एक छोटी लेन के रूप में जाना जाता है। स्लीप लेन ट्रैफिक को सिग्नल पर रुके बिना दाएं या बाएं मुड़ने की सुविधा देती है क्योंकि यहां गाडियां तेज गति से मुड़ सकती है इसलिए इस पर ध्यान देना अति आवश्यक है वाहन चालक को चाहिए कि गाड़ी मोड़ते वक्त वाहन की गति को कम कर दे। पैदल चलने वाले और साइकिल चलाने वालों को पहले जाने दे। बाई और गाड़ी मोड़ते समय साइड मिरर में देखें ब्लाइंड पॉइंट पर पैदल चलने वाले व साइकिल चलाने वालों को देख सके। बाई और मुड़ते वक्त स्पष्ट संकेत दें। वाहन चलाते वक्त मोबाइल का उपयोग न करें और नशा करके वाहन न चलाएं।
अगर मुख्य सड़क व स्लिप लेन के बीच में थोड़ी सी ऊपर उठी सड़क बना दी जाए तो गाड़ियां अचानक से नहीं मुड़ सकेगी और दुर्घटना का भय नहीं रहेगा। स्लीप लेन पर ‘मुड़ने के तीर’ और ‘रास्ता दे’ के अक्षर बड़े आकार और स्पष्ट शब्दों में चिन्हित करें। उस जगह पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था हो ताकि अंधेरे में भी वह दिखाई दे सके।
पैदल यात्री जेब्रा क्रॉसिंग से ही सड़क पार करें। कानों में हेडफोन लगाकर न चले, दाएं बाएं देखकर चलें। क्योंकि यहां गाडियां तेज गति से मुड़ सकती है इसलिए इस पर ध्यान देना अति आवश्यक है। सावधान रहे, सुरक्षित रहें। (लेखिका के अपने विचार है)