
ठेका प्रथा खत्म करने की मांग तेज!
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जयपुर। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव और कार्मिक सचिव अर्चना सिंह से मुलाकात कर कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। महासंघ ने मांग की कि पदोन्नति हेतु अनुभव व सेवा अवधि में 2 वर्ष की छूट इस वर्ष भी लागू की जाए और आगामी बजट वर्ष 2026-27 में भी बिना किसी शर्त के इसे जारी रखने की घोषणा की जाए। प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि पिछले बजट में उपमुख्यमंत्री दिया कुमार द्वारा घोषणा की गई थी कि ठेका/प्लेसमेंट कर्मचारियों के लिए आरएमएलसी बोर्ड बनाकर सीधा वेतन दिया जाएगा, लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं हुआ। महासंघ ने इसे ठेका कर्मचारियों के शोषण से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए ठेका प्रथा समाप्त कर कर्मचारियों को सीधे भुगतान किया जाए। कार्मिक सचिव ने क्या कहा? कार्मिक सचिव अर्चना सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि संबंधित फाइल लगभग पूरी हो चुकी है और इसे जल्द चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान इस विषय पर है और जल्द ठेका कर्मचारियों के लिए सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे। 2 साल की छूट बंद होने से खाली रह गए पद, महासंघ का कहना है कि इस वर्ष जिन कार्मिकों को पहले 2 वर्ष की छूट मिल चुकी थी, उन्हें इस बार छूट से वंचित कर दिया गया। इससे पदोन्नति के कई पद रिक्त रह गए और योग्य कर्मचारी भी प्रमोशन से बाहर हो गए। महासंघ ने मांग की कि इस वर्ष भी पूर्व में छूट ले चुके कर्मचारियों को प्रमोशन का लाभ दिया जाए। शिष्टमंडल में ये नेता रहे मौजूद, प्रतिनिधिमंडल में बहादुर सिंह, ओम प्रकाश चौधरी, अजय वीर सिंह राठौड़, चिकित्सा विभाग ठेका/निविदा कर्मचारी संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष नाथू सिंह गुर्जर, प्रभु सिंह रावत, पप्पू शर्मा, अजय लखन, शैलेंद्र शर्मा, अजय गोलछा सहित कई कर्मचारी नेता शामिल रहे। मुख्य मांगें (संक्षेप में) ठेका/प्लेसमेंट कर्मचारियों को सीधा वेतन, बजट घोषणा के अनुसार, आरएमएलसी बोर्ड का गठन, पदोन्नति हेतु अनुभव में 2 साल की छूट इस वर्ष भी, बजट 2026-27 में भी बिना शर्त छूट की घोषणा।