
जाफ़र लोहानी
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मनोहरपुर (जयपुर)। कुड़ी साहब भारत में अधिवक्ता दिवस , समाज में कानूनी पेशेवरों के योगदान को याद करता है । यह न्याय को बनाए रखने, अधिकारों की रक्षा करने और सामाजिक परिवर्तन की वकालत करने में उनकी भूमिका का जश्न मनाता है। यह कानूनी क्षेत्र और उससे परे बदलाव लाने के लिए उनके समर्पण और प्रतिबद्धता का सम्मान करने का दिन है।
कुड़ी साहब ने कहा कि अधिवक्ता और वकील में मुख्य अंतर यह है कि ‘वकील’ शब्द कानूनी पेशा अपनाने वाले हर व्यक्ति के लिए इस्तेमाल होता है, जबकि ‘अधिवक्ता’ एक योग्य कानूनी पेशेवर होता है, जिसने बार काउंसिल में पंजीकरण कराया हो और जिसके पास अदालत में मुवक्किलों का प्रतिनिधित्व करने का लाइसेंस हो। वकील सिर्फ कानूनी सलाह और कागजी कार्रवाई करते हैं, लेकिन अधिवक्ता अदालत में बहस कर सकते हैं।