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मारवाड़। दुनिया की 9वीं सबसे बड़ी बिल्डिंग मैटीरियल सॉल्यूशंस कंपनी और विविधीकृत अदाणी पोर्टफोलियो का हिस्सा अंबुजा सीमेंट्स अपने सीएसआर प्रयासों के तहत मारवाड़ मुंडवा क्षेत्र में ग्रामीण समृद्धि को मजबूत कर रही है। फार्म पॉन्ड निर्माण, रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम (आरआरडब्ल्यूएचएस), बागवानी और सिंचाई नवाचार जैसी जल-स्मार्ट और किसान-केंद्रित पहलों के जरिए कंपनी ने कई किसान परिवारों को जलवायु पर निर्भरता से बाहर निकालकर उनकी उत्पादकता बढ़ाने और नए आय स्रोत विकसित करने में मदद की है।
डीडिया कलां में अंबुजा सीमेंट्स ने किसान दंपती बाऊ देवी और गणपत राम को 1,782 घन मीटर क्षमता का फार्म पॉन्ड तथा रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम उपलब्ध कराया। सिंचाई के लिए संग्रहीत पानी मिलने से वे अब सूखे महीनों में भी जीरा की खेती कर पा रहे हैं और अतिरिक्त पानी बेचकर ₹15,000 की आय भी अर्जित की है। इससे वे सालभर खेती की दिशा में आगे बढ़े हैं और उनकी आर्थिक स्थिरता मजबूत हुई है। इसी ग्राम पंचायत में 20 किसानों को फार्म पॉन्ड निर्माण का लाभ मिला है, जिससे कुल 38,147.27 घन मीटर पानी सिंचाई के लिए संग्रहित किया गया है और समुदाय की जल सुरक्षा व टिकाऊ कृषि की राह मजबूत हुई है।
इसी तरह मुंडवा गांव में अंबुजा सीमेंट्स ने भौराम जी और पिपुड़ी देवी को खारे भूजल की समस्या से उबरने में सहायता की। कंपनी के सहयोग से बने वर्षा जल संग्रहण तंत्र और 17 लाख लीटर क्षमता के फार्म पॉन्ड से उन्होंने मौसमी खेती छोड़कर जीरा, इसबगोल और कपास की खेती शुरू की। इससे उनकी सालाना आय ₹2 लाख से बढ़कर ₹6 लाख हो गई। इसके साथ ही उन्हें अब बाहर से पानी खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे खर्च कम हुआ और पीने व खेती के लिए पानी की उपलब्धता भी बढ़ी।
धर्मेंद्र मुंडेल के जीवन में भी बड़ा बदलाव आया। उन्होंने अपनी खेती का रकबा 15 बीघा से बढ़ाकर 30 बीघा कर लिया और वार्षिक आय ₹15–18 लाख तक पहुंच गई। अंबुजा सीमेंट्स के सहयोग से उन्होंने 2178.38 घन मीटर क्षमता का पॉली-लाइनिंग फार्म पॉन्ड बनाया, जिससे हर साल ₹2 लाख की सिंचाई लागत की बचत हुई। स्प्रिंकलर सिस्टम और पैन मेथी कटर जैसे आधुनिक उपकरणों के उपयोग से वे टिकाऊ और लाभकारी कृषि का उदाहरण बन गए हैं।
रूपासर गांव में अंबुजा सीमेंट्स ने किसान जगदीशराम को 12.4 लाख लीटर क्षमता के फार्म पॉन्ड और बागवानी आधारित “वाड़ी” रोपण में सहयोग दिया। संग्रहित पानी से उन्होंने ऑफ-सीजन में 8 बीघा भूमि पर जीरा की खेती की और अतिरिक्त ₹1 लाख की आय अर्जित की। उनका नया फलोद्यान भविष्य में हर साल लगभग ₹50,000 की अतिरिक्त कमाई देने की संभावना रखता है, जिससे उनकी खेती और भी विविध व मजबूत बन रही है।
ये सभी पहलें अंबुजा सीमेंट्स की जल सुरक्षा, जलवायु अनुकूलन और ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। अब तक 170 फार्म पॉन्ड, 3,410 रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग यूनिट और निरंतर किसान सहभागिता के माध्यम से कंपनी मारवाड़ मुंडवा में टिकाऊ कृषि को बदलाव की एक सशक्त ताकत बना रही है। (प्रेस नोट)