
जाफ़र लोहानी
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मनोहरपुर (जयपुर)। भाजपा नेता वहीद खान ने रोजे की अहमियत कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें रोजेदार व सर्व समाज के लोगों ने शिरकत की ओर देश और प्रदेश के लिए अमन चैन की दुआएं की,
वहीद खान के अनुसार रमज़ान के पवित्र महीने में रोज़ा इफ्तार सूर्यास्त के समय रोज़ा खोलने की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और खुशी की रस्म है। दिनभर भूखे – प्यासे रहने के बाद, मुसलमान रोजेदार खजूर, पानी और स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ इफ्तार करते हैं। इफ्तार से पहले दुआ पढ़ना और सामूहिक रूप से इसे मनाना भाईचारे को बढ़ाता है। इफ्तार का समय मग़रिब की अज़ान (सूर्यास्त) के साथ शुरू होता है। पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब (स अ व स) के अनुसार, रोज़ा खजूर या पानी से खोलना सुन्नत है।
वहीद खान ने इफ्तार की दुआ: “अल्लाहुम्मा इन्नी लाका सुमतु व बिका आमन्तु व अलैका तवक्कलतु व अला रिज़्किका आफतारतु” (हे अल्लाह, मैंने तेरे लिए रोज़ा रखा और तेरे रिज़्क से इफ्तार किया)। रोजा इफ्तार का समय आत्म – संयम, आभार और अल्लाह की प्रसन्नता प्राप्त करने का समय होता है
भाईचाराः
लोग इसे परिवार, दोस्तों और गरीबों के साथ बांटकर खाते हैं, जिससे समुदाय में एकता और करुणा की भावना मजबूत होती है। इफ्तार सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि अल्लाह के करीब आने और रोज़े की इबादत को मुकम्मल करने का एक अनमोल अवसर है।