
शाहपुरा फ्लाईओवर बना लापरवाही का प्रतीक
जाफ़र लोहानी
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शाहपुरा, (जयपुर)। कभी विकास का प्रतीक समझा जाने वाला शाहपुरा का मुख्य फ्लाईओवर आज जनता की तकलीफ़, अव्यवस्था और सरकार की लापरवाही का जीवंत उदाहरण बन चुका है।
जहाँ से कभी सहजता से जनता अपने गंतव्य तक पहुँचती थी, आज वहीं हर सुबह और शाम कई किलोमीटर लंबा जाम, धूल, हॉर्न और चिल्लाहट का कोलाहल देखने को मिलता है।
शाहपुरा की जनता इस जाम में न केवल अपना समय खो रही है, बल्कि धैर्य और उम्मीद दोनों की परीक्षा भी दे रही है। विकास के नाम पर बार-बार आश्वासन देने वाली भाजपा सरकार ने जनता को केवल सांत्वना दी है, समाधान नहीं। डिप्टी सीएम आए, सांसद आए, मंत्री आए, नेता आए, अधिकारियों की गाड़ियाँ आईं –
मगर हर दौरे के बाद जनता के हिस्से में सिर्फ़ वही टूटी सड़कें, वही रुका हुआ फ्लाईओवर और वही झूठे वादे आए।
फ्लाईओवर का काम ठप पड़ा है, और जिम्मेदारों के चेहरों पर शर्म नहीं, बल्कि औपचारिक मुस्कानें और बयानबाज़ी का ढोंग है। दिगराज सिंह शाहपुरा, राष्ट्रीय महासचिव एवं राजस्थान समन्वयक – ऑल इंडिया किसान कांग्रेस, ने आज स्पष्ट शब्दों में कहा – “शाहपुरा की जनता आज यह पूछ रही है कि आखिर उसका कसूर क्या है? क्या सिर्फ़ इसलिए कि वह भाजपा शासित प्रदेश में रहती है, उसे जाम और झूठ का बोझ उठाना पड़ेगा?
जनता की पीड़ा को समझने के बजाय भाजपा नेताओं ने इसे केवल राजनीतिक दिखावे का माध्यम बना दिया है। जनता के सब्र की सीमा अब पार हो चुकी है — अब यह संघर्ष सिर्फ़ सड़कों के लिए नहीं, बल्कि सम्मान और अधिकार के लिए है।” दिगराज सिंह ने कहा कि भाजपा के सांसद, मंत्री, नेता और अधिकारी केवल भरोसे की राजनीति कर रहे हैं, लेकिन जनता को चाहिए भरोसे से ज्यादा भरोसेमंद काम। कांग्रेस पार्टी का यह दृढ़ संकल्प है कि शाहपुरा के हर नागरिक की आवाज़ को राज्य स्तर पर बुलंद किया जाएगा।
उन्होंने कहा – “जनता ने सरकार को विकास के लिए चुना था, दिखावे के लिए नहीं। फ्लाईओवर का बंद रहना केवल एक निर्माण समस्या नहीं, बल्कि यह प्रशासनिक असंवेदनशीलता और शासन की उदासीनता का दर्पण है। शाहपुरा की जनता अब और प्रतीक्षा नहीं करेगी।
कांग्रेस पार्टी जनता की इस आवाज़ को सड़क से लेकर सदन तक पहुंचाएगी, और तब तक नहीं रुकेगी जब तक शाहपुरा को उसका हक नहीं मिलता।” उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि —
- फ्लाईओवर की मरम्मत और पुनः संचालन का कार्य तुरंत प्रारंभ किया जाए।
- जब तक कार्य पूरा नहीं होता, तब तक यातायात के लिए सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग तैयार किए जाएं।
- जनता को निर्धारित समय सीमा बताई जाए ताकि लोग फिर से भरोसा कर सकें कि उनका शहर विकास की राह पर लौटेगा।