
जिससे सऊदी अरब व बाहर के लोग इसमें आयेंगे तो इसका बिजनेस बढ़ेगा।
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जयपुर। टोंक रियासत अंजुमन के अध्यक्ष युनुस अली खान और सलीम भाई नेताजी टॉक से मुलाकात हुई पूर्व पार्षद जाकिर खान ने उनसे मुलाकात की और टोंक रियासत के नवाबों को पेन्शन दी जा रही है उसको 5000/- रूपये की जाये। नवाब इब्राहिम खान की बेगमों ने रूबातें बनवाई। यहां टोंक की बेगमात की बनवाई हुई रूबाते हाजियों के लिये मुफ्त रहने के लिये है जो टोंक रियासत वालों को सबसे पहले निःशुल्क रहने के लिये जगह दी जाती है उसके बाद राजस्थान के लोगों को तथा उसके बाद भी जगह बचती है तो ऑलआवर इण्डिया के लोगों को निःशुल्क दी जाती है। प्रोफेसर सैय्यद सादिक अली अल्लामा इकबाल का शब्दकोष 1350 पन्नों खवाजा मुईनुद्दीन चिश्ती जी के जीवन पर एक किताब (इतिहास) लिखा हैं।
टोंक रियासत राजस्थान की नवाबों का शहर है तथा इसे राजस्थान में धरोहर पर्यटन में जोड़ा जाये जिससे टूरिस्ट आएं इसमें पुरानी टोंक दरिया शाह की बावड़ी के पास रजिया सुल्ताना मज़ार भी है जो कि जमीन की सतह से 6 फीट उंचा है जो 30 बाय 20 के चबूतरे पर बना दोहरा बजार है उसके पत्थरों पर सुल्तानुल हिन्द रज़िया लिखा हुआ प्रतीत होता है. प्रोफेसर सैय्यद सादिक अली टोंक रियासत की यादगार झलकियां की एलबम तैयार करते समय पुरानी टोंक में पुराना मजार नजर आया जिसे आस-पास के लोगों ने कहा कि यह हम पीढ़ियों से सुनते हुये आ रहे हैं कि सुल्तान का मजार है जिसके काफी प्रमाण और मैंनें दो किताबें लिखी हैं जिसमें रजिया सुलतान के जीवन व कार्य से सम्बन्धित घटनाओं को पेश किया है। चौबुर्जे बाबा का मजार पुरानी टोंक में है और टॉक की जामा मस्जिद, सुनहरी कोठी, बनास नदी, उर्दू-फारसी की लाईब्रेरी भी है मोलाना अबुल कलाम आजाद अरबी फारसी शोध संस्थान, मुगल शहजादे का मजार, नोगाजी बाबा का मजार भी है। यहां मिलाद शरीफ की महफिल 12 रबीउलअव्वल में 7 दिन तक मिलाद होता है, जिसमें चार बेद गायन शैली जो पूरे इण्डिया में मशहूर है। दुनिया का सबसे बड़ा कुर्भान मजीद जो कि टोंक में मौजूद है। 15 नवम्बर से 21 नवम्बर तक टॉक महोत्सव रियासत का जश्न मनाया जाता है। मुगल शहजादे मिर्जा अब्दुल्लाह का मज़ार भी टोंक में है।