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जयपुर। राजस्थान विधानसभा में भाजपा सरकार की ओर से पारित कराए गए डिस्टर्ब एरिया बिल को लेकर कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेशाध्यक्ष एम.डी. चोपदार ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए भाजपा सरकार के इस फैसले को लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ बताया है। इस संबंध में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में चोपदार ने कहा कि डिस्टर्ब एरिया बिल यह बताता है कि सरकार का मूल एजेन्डा केवल हिन्दू-मुस्लिम करके धुव्रीकरण करना है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि यह बिल संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ है। संविधान समानता का अधिकार देता है, लेकिन ये बिल पूरी तरह से मौलिक अधिकारों का भी हनन करता है। उन्होंने कहा कि कैसे एक वर्ग विशेष के क्षेत्र को डिस्टर्ब एरिया घोषित किया जा सकता है।

एम.डी. चोपदार ने कहा कि पर्ची सरकार केवल पर्ची पर काम कर रही है, क्योंकि ऐसा ही कानून गुजरात राज्य में लागू है, ये सरकार केवल गुजरात मॉडल का फार्मूला राजस्थान में लागू करना चाहती है। हिन्दू-मुसलमान की राजनीति राजस्थान का कल्बर नहीं रहा है। यहाँ सभी वर्ग प्यार और मोहब्बत से रहते आए है। लेकिन भाजपा सरकार इस तरह के कानून लाकर हिन्दू-मुसलमान के बीच खाई बढ़ाना चाहती है।
संवाददाता सम्मलेन में उन्होने कहा कि आगामी समय में निकाय और पंचायती राज चुनाव होने है। राज्य सरकार को निकाय और पंचायती राज चुनाव में करारी हार दिख रही है। क्योंकि ढाई साल के शासन में जनता के कोई काम नहीं हुए। जनता त्राहिमाम त्राहिमाम कर रही है और भाजपा सरकार को सबक सिखाना चाहती है। अब जनता की नाराजगी भांपकर भाजपा सरकार लोगों को बांटने का वाला कानून लेकर आई है। चोपदार ने यह भी कहा कि इस तरह के कानून लाकर सोचती है कि हिन्दू-मुस्लिम की राजनीति कर लेगी, तो ये सरकार की भूल है। कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा की धुव्रीकरण वाली राजनीति को कामयाब नहीं होने देगा।

कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पहले भी भाजपा सरकार धर्मातरण विरोधी कानून लेकर आई थी। उसके खिलाफ हम लोग सुप्रीम कोर्ट गए है। अब डिस्टर्ब एरिया बिल के खिलाफ भी कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा। उन्होंने कहा कि हम इस बिल के खिलाफ पूरे प्रदेश में आंदोलन भी करेंगे। इस अवसर पर ईसाई धर्म के नेता रजनीश जैकब एवं बौद्ध धर्म नेता डॉ नरेंद्र साथ ही लिगं टीम भी मौजूद थी।