
जाफ़र लोहानी
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मनोहरपुर (जयपुर)। हज ट्रेनर अहसान खान गौरी ने कहा की कलियर शरीफ में स्थित हजरत साबिर पाक रहमतुल्ला आलेह के दीवाने रंजो गम से मुरझाया नहीं करते है। यह शब्द गौरी ने कलियर में स्थित हिंदू मुस्लिम एकता के प्रतिक हजरत साबिर पाक रहमतुल्लाह आलेह की दरगाह में जियारत करने के बाद में उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहे।
गौरी ने कहा की इरादे रोज बनकर टूट जाते हैं कलियर में वही जाते हैं जिन्हें साबिर पाक जी बुलाते हैं। गौरी ने कहा यह वो दर है जहां पर बादशाहों व मंत्री से लेकर संतरी तक अपनी फरियाद लेकर आते रहते हैं और खुदा साबिर पाक के आए हुए जायरीनों की लाज रखता है इसलिए तो लोग कहते हैं कि साबिर पाकके दीवाने रंज ओ गम से मुरझाया नही करते हैं।
उन्होंने ने कहा कि हद तपे सो औलिया बे हद तपे सो पीर, हद बे हद तपे ताको नाम फकीर। दरगाह के खादिमो ने दस्तारबंदी करते हुए कहा कि साबिर पाक के दरबार मे जो भी आता है वह खाली हाथ नही जाता है खादिम ने भारत देश की तरक़्क़ी के लिए दुआएं करवाई।