भारत का भविष्य उज्जवल मगर साहित्य का ग्राफ हुआ कमजोर

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जयपुर। राईटर्स क्लब जयपुर के तत्वावधान में भारत व अमरीका के दर्शन, साहित्य, चिकित्सा सेवा तथा समाज के सांस्कृतिक परिवेश के वर्तमान एवं भविष्य पर चर्चा के लिए आयोजित “एक संवाद डा. परिक्षित सिंह के साथ“. में जयपुर, (भारत) के मूल निवासी डॉ. परिक्षित सिंह ने संस्था के अध्यक्ष लोकेश कुमार सिंह साहिल के साथ संवाद में कहा कि आज का भारत विकसित भारत है और इसका भविष्य उज्जवल है मगर साहित्य की दृष्टि से देखें तो आज भारत पहले के भारत से बहुत पिछड़ रहा है। इसका ग्राफ नीचे गया है। यह देश कभी ज्ञानियों, ऋशियों, महर्शियों के मार्गदर्शन पर चलता था इसका आज अभाव है। भारत आज नये पाश्यचात सभ्यता की ओर बढ़ रहा है।
लोकेश कुमार साहिल के एक प्रश्न के जबाब में परिक्षित सिंह ने बताया कि आज का जयपुर अपना पुराना वैभव खोता जा रहा है । जिस स्मार्ट सिटी की हम बात करते हैं वह जयपुर स्थापना के समय से ही पहला स्मार्ट सिटी था। हम विकास की चाह में अपना सौन्दर्य सभाल नहीं पाये। इसी प्रकार अब के अमेरिका में पहले के मुकाबले उदारवाद कम हुआ है। जिससे पहले अमेरिका एक विश्व शक्ति था आज उसके मुकावले में कई देश खडे हो गये हैं।
धर्म और आध्यात्म में क्या अन्तर है के संवाद में डा. परिक्षित सिंह ने कहा कि जो धर्म को धारित करे वह धर्म है। राजनीति एक अल्पकालीन धर्म है जबकि धर्म दीर्घकालीन है। वे अरविन्दों के राष्ट्रधर्म और भारतीय संस्कृति के पोशक होने के कारण उनकी ओर बढ़े।
इस अवसर पर डॉ. सिंह के पिता स्व. संत्यनारायण सिंह के उपर लिखी उनकी कविताओं के संग्रह ’’सत्य”’नामक पुस्तक का विमोचन डॉ. परिक्षित सिंह, लोकेश कुमार सिंह साहिल, अध्यक्ष राईटर्स क्लब, आर.एस. जाखड, पूर्व आई ए एस, फारूख आफरीदी -साहित्यकार,, सुनील प्रकाश शर्मा ए.सी.पी. सुभाष शर्मा पत्रकार, सीताराम सैनी अभियंता, तथा डा. रिपुन्जय सिंह द्वारा विमाचन किया गया।

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