जेफ्री एपस्टिन फाइल

लेखिका : लता अग्रवाल
चित्तौड़गढ़, (राजस्थान)।
अभी हाल ही में जेफ्री एपस्टीन फाइल का खुलासा हुआ है। इतना घिनौना, दर्दनाक और खौफनाक सच को उजागर किया की उसने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया। मानवता भी शर्म सार हो गई। जेफ्री एप्सटिन नामक आदमी ने अपना एक निजी आइलैंड बनाया। यौन शौषण व दरिंदगी के लिए सत्तासीन बड़े-बड़े नेता और उद्योगपति को आलीशान जगह व मासूम बच्चियों का यौन शौषण करने के लिए संपर्क साधा गया। विश्व के नामी नेता ट्रंप, बिल क्लिंटन, हिलेरी क्लिंटन, बिल गेट्स, हमारे देश के उद्योगपति अनिल अंबानी और सबसे उच्च पद पर आसीन व्यक्ति का नाम भी शामिल हैं! विश्व में उच्च पद पर आसीन अरबपति, राजनेता, शाही परिवार का भी नाम है। अभी तो मात्र पूरी फाइल के कुछ ही पेज खोले गए है इससे ही विश्व के देशों की राजनीति में भूचाल आ गया है और सभी अपने-अपने स्तर पर इस पूरे सच को बाहर आने से रोकने के लिए समझोते कर रहे हे। सोशल मीडिया इन्ही खबरों को लगातार किस्त दर किस्त उजागर कर रहा है। मासूम बच्चियों का यौन शौषण करने के बाद उनको काट कर उनका मांस खाने के वीडियो आ रहे है। कई देशों और अमीरों ने तो माफी भी मांगी है। देशों को शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है।
कुछ लोग ऐसे भी हैं शर्म के मारे अपने बचाव में मुंह भी नहीं खोल रहे हैं क्योंकि इस फाइल में जो सच है वो झूठलाया नहीं जा सकता। मेल, वीडियो, कॉल सबका रिकार्ड है। माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स का भी नाम है। नाबालिग लड़कियों यौन शोषण का नेटवर्क पूरे पश्चिमी देशों के साथ-साथ भारत से भी जुड़ा है। इसका सबसे ज्यादा नुकसान हमारे देश को हुआ है। मीडिया, सोशल प्लेटफार्म से यह आया है कि हमारी सरकार ने इस फाइल का सच जो पूरे सबूत के साथ उपलब्ध है उसको उजागर नहीं करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप से एक ऐसी व्यापारिक नीति पर समझौता किया है कि अमेरिका हमारे देश पर 50 प्रतिशत टैरिफ कम करके 18% टैरिफ लगाएगा और हमारी सरकार निर्यात किए गए सामानों पर 0% टैक्स लगाएगी। मतलब साफ है कि इससे देश के किसानों को, माल बनाने वाली कंपनियों, हमारे उद्योग धंधों को, व्यापारियों और हमारे ही देश को नुकसान होगा। अब भारत को तेल भी वेनेएजुला से खरीदना होगा। ईरान से तेल नहीं खरीद सकता है। इससे एक बात की संभावना और बढ़ जाती है की ट्रंप इस मुद्दे को ट्रंप कार्ड बना कर सरकार के जरिए देश को और भी नुकसान पहुंचा सकते है। (लेखिका के अपने विचार हैं)

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