मनोहरपुर में अकीदत के साथ मना जुमा-तुल-विदा

मस्जिदों में अदा हुई ‘जुमा-तुल-विदा’ की नमाज, मुल्क की खुशहाली के लिए उठे हाथ
जाफ़र लोहानी
www.daylifenews.in
मनोहरपुर (जयपुर)। रमजान-उल-मुबारक के मुकद्दस महीने का आखिरी जुम्मा यानी ‘जुमा-तुल-विदा’ आज कस्बे में पूरी अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। मस्जिदों में इबादत का सैलाब उमडा। मनोहरपुर की ऐतिहासिक शाही जामा मस्जिद सहित तमाम छोटी-बड़ी मस्जिदों में नमाजियों की बड़ी संख्या में खुदा की बारगाह में सिर झुकाया।
इस दौरान शाही जामा मस्जिद में रूहानी मंजर: मौलाना नसरुद्दीन की तकरीर कस्बे की मुख्य शाही जामा मस्जिद में नमाज-ए-जुमा पेश इमाम मौलाना नसरुद्दीन साहब ने अदा करवाई। नमाज से पहले अपने खुतबे (संबोधन) में इमाम साहब ने रमजान की फजीलत और जुमा-तुल-विदा की अहमियत पर रोशनी डाली।उन्होंने बताया कि ईद कब ईद की नमाज 8:30 बजे वह जमा मस्जिद में 8:15 बजे अदा की जाएगी।
वही इमाम साहब ने एक महत्वपूर्ण शरई मसले पर रोशनी डालते हुए कहा—यदि रमजान का महीना 30 दिनों का मुकम्मल होता है और शव्वाल का चाँद देर से नजर आता है, तो आने वाला शुक्रवार ‘जुमा-तुल-विदा’ होगा। लेकिन यदि 29 रोजे ही हुए, तो आज का यह जुम्मा ही ‘अलविदा’ (आखिरी जुम्मा) तस्लीम किया जाएगा।” इस बारीकी को समझाते हुए उन्होंने अकीदतमंदों से इबादत में मशगूल रहने की अपील की।
देश की तरक्की और भाईचारे के लिए गूंजी ‘आमीन’ की सदाएं। नमाज के बाद का मंजर बेहद भावुक और प्रभावशाली था। जब इमाम साहब ने दुआ के लिए हाथ उठाए, तो बड़ी संख्या में नमाजियों की आंखों में आंसू और लबों पर अपने रब से माफी की तलब थी।
मुल्क के लिए दुआ: विशेष तौर पर भारत देश की अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली के लिए सामूहिक दुआ की गई। भाईचारे का संदेश: दुआ में गुजारिश की गई कि वतन-ए-अजीज में आपसी मोहब्बत कायम रहे और हर नागरिक खुशहाल हो। कस्बे के चप्पे-चप्पे पर उल्लास और इबादत का माहौल नजर आया। बच्चे हों या बुजुर्ग, हर कोई नए लिबास और इत्र की खुशबू में सराबोर खुदा का शुक्र अदा करता नजर आया। वही थाना प्रभारी सुरेन्द्र सिंह ने ईदगाह ओर जामा मस्जिद का मौका मुआयना किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *