
आईटीआई प्रशिक्षण में बड़ा सुधार:
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नई दिल्ली। भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के तहत प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) ने आईटीआई ट्रेनीज़ के लिए नए नियम जारी किए हैं। अब औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के छात्रों को क्राफ्ट्समैन ट्रेनिंग स्कीम (सीटीएस) के तहत 150 घंटे की अनिवार्य ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (ओजेटी) या ग्रुप प्रोजेक्ट करना होगा। यह नियम शैक्षणिक सत्र 2022–23 से लागू है। ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (ओजेटी) / ग्रुप प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद आईटीआई ट्रेनीज़ की एम्प्लॉयबिलिटी को मजबूत करना है, ताकि वे इंडस्ट्री की असली जरूरतों के अनुसार स्किल्ड बन सकें।
इस अवसर पर भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी ने कहा कि “आईटीआई छात्रों के लिए 150 घंटे की अनिवार्य स्ट्रक्चर्ड ऑन द जॉब ट्रेनिंग (ओजटी) या ग्रुप प्रोजेक्ट एक बड़ा सुधार है। इससे वोकेशनल एजुकेशन की क्वालिटी और उपयोगिता बढ़ेगी। तेजी से बदल रही इंडस्ट्रियल दुनिया में सिर्फ क्लासरूम लर्निंग काफी नहीं है। असली वर्कप्लेस एक्सपोजर से छात्रों में प्रैक्टिकल स्किल, कॉन्फिडेंस और प्रोफेशनलिज्म बढ़ता है। यह कदम इंडस्ट्री और ट्रेनिंग संस्थानों के बीच लिंकेज को मजबूत करेगा और युवाओं को सच में जॉब-रेडी और फ्यूचर-रेडी बनाएगा।