विधायक मनीष यादव ने आरक्षण में हो रही अनियमितताओं पर सरकार को घेरा

मनीष यादव ने सदन में उठाया रोस्टर रजिस्टर का मुद्दा
SC, ST, OBC, MBC एवं EWS वर्गों को मिले पर्याप्त प्रतिनिधित्व।
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शाहपुरा (जयपुर)। कांग्रेस विधायक मनीष यादव ने विधानसभा में सरकारी नौकरियों में आरक्षण के संवैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन का गंभीर मुद्दा उठाया।
विधायक यादव ने कहा की संविधान निर्माताओं ने अनुच्छेद 16(4) के तहत अन्य पिछड़ा वर्गों,अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण (प्रतिनिधित्व)का प्रावधान किया गया लेकिन आरक्षण व्यवस्था को कैसे लागू किया जाए इसको लेकर 1997 में सुप्रीम कोर्ट के आर के सब्बरवाल जजमेंट के आधार पर डीओपीटी मंत्रालय ने जुलाई 1997 को रोस्टर रजिस्टर बनाने के लिए नियम बनाएं।
रोस्टर एक विधि है जिसके जरीये नौकरी में आरक्षण लागू किया जाता है लेकिन अगर इसे नियमानुसार लागू नहीं किया जाए या लागू करने में बेईमानी हो तो आरक्षण के संवैधानिक प्रावधानों की धज्जियां उड़ जाती है।
रोस्टर रजिस्टर सुनिश्चित करता है कि सरकारी नौकरी में आरक्षण के नियमों का पालन किया जाए जिससे OBC,SC, ST,MBC और EWS वर्गों के बेरोजगार युवाओं को उनके आरक्षण के अनुसार नौकरी में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करता है।
वही रोस्ट रजिस्टर से सरकारी नौकरी में पारदर्शिता और निष्पक्षता को बढ़ावा देता है लेकिन यह बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी आज 28 वर्षों के बाद भी प्रदेश के ज्यादातर विभागों का रोस्टर रजिस्टर नहीं बनाया हुआ है जिससे आरक्षण का मूल उद्देश्य आज भी पूरा नहीं हो पा रहा है विशेष रूप से पिछले 2 वर्षों की भर्तियों में पूरा आरक्षण किसी भी वर्ग को नहीं दिया गया है। हाल ही में जारी 10 हजार पदों की एलडीसी भर्ती में ओबीसी को 21% आरक्षण की जगह 15% आरक्षण दिया गया, जिससे 475 पद ओबीसी वर्ग के कम कर दिये, वनपाल भर्ती,महिला सुपरवाइजर भर्ती में एससी को 16% आरक्षण की जगह शून्य प्रतिशत आरक्षण दिया,जमादार भर्ती, असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती 2025 में एससी एसटी वर्गों का आरक्षण आधा कर दिया ऐसी अनगिनत भर्तियों में आरक्षण से छेड़छाड़ की गई है। ये अन्याय वर्तमान का सबसे बड़ा संस्थागत सरकार द्वारा किया जा रहा अन्याय है। हम सब जनप्रतिनिधियों और सरकार की जिम्मेदारी है कि नियमानुसार शीघ्र रोस्टर रजिस्टर बनाने के लिए आदेश जारी करने से आगे बढ़कर धरातल पर काम करना चाहिए।‌ जिससे आरक्षित वर्गों के युवाओं के साथ एक अन्याय कम हो सकें।

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