
ख़ुदा के हुक्म व मोहम्मद साहब के बताए हुए मार्ग पर चले – पेश ईमाम नसरुद्दीन
जाफ़र लोहानी
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मनोहरपुर (जयपुर)। स्थानीय कस्बे सहित आसपास के मुस्लिम क्षेत्रों में रमजान के दूसरे जुम्मे की नमाज अदा की गई इस मौके पर कस्बे की मस्जिदों में नमाजियों की बहुत भारी भीड़ उमड़ी।
जुम्मे की नमाज को लेकर मुस्लिम समाज में विशेष उत्साह देखने को मिला और मस्जिदें रोजेदारों के अलावा नमाजियों से खचाखच भर गई। दोपहर करीब 1 बजे जुम्मे की नमाज की अज़ान होते ही बच्चे, युवा और बुजुर्ग नमाज अदा करने के लिए मस्जिदों की ओर रवाना हो गए।
रमजान के साथ ही मस्जिदों में नमाजियों और रोजेदारो की रौनक बढ़ गई और कई स्थानों पर मस्जिदें छोटी पड़ती नजर आईं। जामा मस्जिद में पेश ईमाम नसरुद्दीन साहब ने नमाज अदा करवाई, जबकि पाल वाली मस्जिद में पेश ईमाम शेर मोहम्मद ने नमाज पढ़ाई। जामा मस्जिद के पेश ईमाम नसरुद्दीन साहब ने कहा कि ख़ुदा के हुक्म व मुहम्मद सल्लाहो आलेह व सल्लम के बताए हुए मार्ग पर चले। इधर ताला में हजरत बुर्रहानुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह आलेह की दरगाह में जुम्मे की नमाज के बाद में सलाम पढ़ी गई।
इस अवसर पर सभी मस्जिदों में देश में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारे प्रगाढ़ की दुआएं मांगी गईं। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर तथा हाथ मिलाकर पवित्र रमजान माह के दूसरे जुम्मे की मुबारकबाद पेश की और नेकियों व इबादत के इस पाक महीने में रोजा, नमाज और जरूरतमंदों यतीमों गरीबों बैसहारा लोगों की जकात खैरात सहित अन्य तरीके से मदद करने का संकल्प लिया। रमजान में मुस्लिम क्षेत्र में धार्मिक माहौल नजर आया और देर शाम तक मस्जिदों व बाजारों में रौनक बनी रही।
उल्लेखनिय हैं कि रमजान मुबारक के महीने में अल्लाह अपनी खास रहमतों की बारिश करता है। रमजान में शैतान को कैद कर इंसान के लिए जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं। इस मुबारक महीने में रोजेदार के दिल में दूसरों के लिए हमदर्दी ओर मदद का खास जज्बा पैदा हो जाता है।