
जाफ़र लोहानी
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मनोहरपुर (जयपुर)। लघु उद्योग भारती बोरानाड़ा, जोधपुर के तत्वावधान मे राजस्थान वित्त निगम से संबंधित औद्योगिक ऋण योजनाओं के बारे में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला में राजस्थान वित्त निगम के कार्यकारी निदेशक डा हर सहाय मीणा को लघु उद्योग भारती जोधपुर के पदाधिकारियों द्वारा राजस्थान वित् निगम संबंधी माँगों को लेकर ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उनकी मांगों के अनुसार राजस्थान वित् निगम जोधपुर के ऑफिस में पूर्णकालिक तकनीकी अधिकारी लगाने, आवश्यकतानुसार पर्याप्त स्टॉफ़ उपलब्ध कराने,ऋण योजनाओं में ब्याज दर कम करने व वाई यू पी वाई में सबवेंशन राशि 2 करोड़ से बढ़ाकर पाँच करोड़ करने तथा जोधपुर कार्यालय में लंबित ऋण आवेदन पत्रों का शीघ्र निस्तारण करने का आग्रह किया गया।
लघु उद्योग भारती के पदाधिकारी अनिल अग्रवाल ने लघु उधोगों के विकास में आरएफसी की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राजस्थान वित् निगम की वित्तीय योजनाएं लघु उद्योगों के विकास के लिए आधारभूत योजनाएं है।
राजस्थान वित्त निगम के कार्यकारी निदेशक डॉ. हरसहाय मीणा ने लघु उद्योगों की विकास में आरएसी के योगदान पर चर्चा करते हुए बताया कि वर्तमान में आरएफसी द्वारा कई ऋण योजनाएं संचालित की जा रही है।इसमें युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए युवा उद्यमिता प्रोत्साहन योजना चलायी जा रही है। इस योजना की में साढ़े पाँच प्रतिशत की ब्याज दर से दो करोड़ रुपये तक ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है।
इस योजना के अतिरिक्त आरएफसी की ओर से जनरल टर्म लोन योजना, सरल ऋण योजना,होटल रेस्टोरेंट पर्यटक संबंधी ऋण योजना,स्कीम फॉर गुड बॉरोवर्स,टॉप अप लोन स्कीम,स्कीम फॉर प्रोजेक्ट्स, स्कीम फॉर सिंगल विंडो आदि ऋण योजनाएं संचालित है। इन योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आर एफ़ सी लघु उद्योगों के वित् पोषण का आधार है ।लघु उद्योगों के विकास में आर एफ सी की महत्वपूर्ण भूमिका है।