

www.daylifenews.in
जयपुर। धर्म स्वतंत्रता, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के उद्देश्य से गठित धर्म स्वतंत्रता संविधान रक्षा संघर्ष समिति, जयपुर (राजस्थान) के आह्वान पर 1 जनवरी 2026, गुरुवार को जयपुर के लाइफ सेंटर अकैडमी, हीरापुरा में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न सामाजिक संगठनों, नागरिक मंचों और जनआंदोलनों से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में धर्म परिवर्तन विधेयक 2025 के प्रावधानों पर गहन चर्चा की गई। उपस्थित सदस्यों ने विधेयक के कई बिंदुओं को संविधान विरोधी, नागरिक स्वतंत्रता के प्रतिकूल और सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाला बताते हुए गंभीर चिंता व्यक्त की। बैठक के दौरान सर्वसम्मति से कई अहम निर्णय लिए गए। संघर्ष समिति ने घोषणा की कि 5 जनवरी 2026 को जयपुर में एक विशाल, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक जन-आंदोलन रैली आयोजित की जाएगी। रैली के समापन के बाद राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके साथ ही आंदोलन को राज्यव्यापी स्वरूप देने के लिए राजस्थान के विभिन्न सामाजिक संगठनों, नागरिक समूहों और जनमंचों को संगठित रूप से जोड़ने का निर्णय लिया गया। समन्वय और संवाद को प्रभावी बनाने हेतु प्रत्येक संगठन से एक अधिकृत एवं जिम्मेदार प्रतिनिधि नामित करने पर भी सहमति बनी। संघर्ष समिति के संयोजक डॉ. नरेन्द्र बौद्ध ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि संविधान, धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय की रक्षा है। डॉ. नरेन्द्र बौद्ध ने सभी लोकतंत्रप्रिय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और संवैधानिक मूल्यों में विश्वास रखने वाले लोगों से आगामी जन-आंदोलन में सक्रिय सहभागिता की अपील की और आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा की जानकारी भी साझा की। (प्रेस नोट)