
अधूरी और बिना परीक्षण पुलिया पर हरी झंडी क्यों?
जाफ़र लोहानी
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मनोहरपुर (जयपुर)। कुंवर दिगराज सिंह शाहपुरा राष्ट्रीय महासचिव, ऑल इंडिया किसान कांग्रेस ने कहा कि हाल ही में निर्मित पुलिया का कार्य जिस तेज़ी और दबाव में पूरा किया गया है, वह कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है। स्वयं ठेकेदार द्वारा यह कहा जाना कि बिना आवश्यक परीक्षण (सेफ्टी टेस्ट) के पुलिया को चालू नहीं किया जा सकता, अत्यंत चिंताजनक है। इसके बावजूद प्रशासन और कुछ स्थानीय नेताओं द्वारा जल्दबाज़ी में हरी झंडी दिखाना आमजन के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ है।
क्या जनता की सुरक्षा से बड़ा कोई राजनीतिक प्रदर्शन हो सकता है?
वर्तमान स्थिति अत्यंत गंभीर है, क्योंकि—
• कोई रिफ्लेक्टर नहीं
• कोई साइन बोर्ड नहीं
• कोई डिवाइडर नहीं
• रूट डायवर्जन हेतु कोई मार्शल तैनात नहीं
• पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था नहीं
• स्पष्ट रूप से सुरक्षा मानकों का उल्लंघन
यह सभी कमियां संभावित दुर्घटनाओं को आमंत्रण देती हैं। बिना लोड टेस्ट, बिना तकनीकी प्रमाणन और बिना सुरक्षा प्रबंधों के किसी भी पुलिया को प्रारंभ करना नियमों की अवहेलना ही नहीं, बल्कि जनता की जान जोखिम में डालना है।
मैं, कुंवर दिगराज सिंह शाहपुरा, राष्ट्रीय महासचिव, ऑल इंडिया किसान कांग्रेस, प्रशासन से स्पष्ट और कड़े शब्दों में मांग करता हूँ कि—
1. पुलिया का संपूर्ण तकनीकी परीक्षण (लोड टेस्ट एवं सेफ्टी ऑडिट) तत्काल कराया जाए।
2. सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों—रिफ्लेक्टर, साइन बोर्ड, डिवाइडर, लाइटिंग एवं ट्रैफिक मार्शल—की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
3. सुरक्षा प्रमाणन के बाद ही पुलिया को आमजन हेतु खोला जाए।
जनता की जान की कीमत पर कोई राजनीतिक जल्दबाज़ी स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि प्रशासन ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की, तो हम लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीकों से जनआंदोलन के लिए बाध्य होंगे।