
ए एच लोहानी
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मनोहरपूर/ सीकर /जयपुर। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष दिगराज सिंह शाहपुरा ने महाराव शेखा जी की प्रतिमा के साथ हो रहे कथित अपमानजनक व्यवहार पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि— “महाराव शेखा जी किसी एक समाज के नहीं, वे सम्पूर्ण शेखावाटी की पहचान हैं। वे इस भूमि की आत्मा, स्वाभिमान और वीरता के प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा का अपमान शेखावाटी की करोड़ों जनता के स्वाभिमान पर चोट है।”
दिगराज सिंह शाहपुरा ने कहा कि महाराव शेखा जी वही वीर योद्धा थे जिन्होंने मात्र 12 वर्ष की आयु में 24 गांवों से निकलकर साढ़े तीन सौ से अधिक गांवों पर विजय प्राप्त की और अमरसर से लेकर सीकर, झुंझुनू, चूरू, लोहारू, महेन्द्रगढ़ और नार्नौल तक अपनी वीरता का परचम लहराया। उन्होंने दिल्ली की सल्तनत को चुनौती दी और शेखावाटी की नींव रखी।
उन्होंने कहा कि—“महाराव शेखा जी केवल एक ऐतिहासिक नाम नहीं हैं, वे शेखावाटी की संस्कृति, शौर्य, आत्मसम्मान और परंपरा के जीवंत प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा की स्थापना को लेकर यदि आज उनकी ही धरती पर अपमानजनक स्थिति उत्पन्न हो रही है, तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।”
दिगराज सिंह शाहपुरा ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि इस विषय को अत्यंत संवेदनशीलता, गरिमा और सम्मान के साथ सुलझाया जाए।उन्होंने स्पष्ट किया कि अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का उद्देश्य किसी भी प्रकार का टकराव नहीं है, बल्कि सामाजिक सौहार्द के साथ ऐतिहासिक सम्मान की रक्षा करना है।
“शेखावाटी की परंपरा रही है कि यहां वीरों का सम्मान सर्वसमाज द्वारा किया जाता है। महाराव शेखा जी सभी समाजों के गौरव हैं। उनकी प्रतिमा की स्थापना कोई विवाद नहीं बल्कि सांस्कृतिक सम्मान का विषय है।” उन्होंने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर सम्मानजनक समाधान सुनिश्चित करने की मांग की।