





इस वर्ष मिला स्नेह और मान-सम्मान मेरी अमूल्य थाती है जो अविस्मरणीय है
www.daylifenews.in
असलियत में प्रत्येक वर्ष का अपना एक अलग महत्व होता है और जीवन में हर वर्ष अपना एक अलग ही प्रभाव छोड़कर जाता है। लेकिन व्यक्ति के जीवन में कोई न कोई ऐसा वर्ष आता है जो उसके जीवन में अमिट छाप छोड़कर जाता है। चाहे वह छाप किसी पीड़ा की हो, विषाद की हो, हर्ष- उल्लास-उमंग की हो या फिर किसी अतिरेक की हो, वह व्यक्ति के जीवन में एक अलग ही तरह का प्रभाव छोड़ती है। इसे यदि यूं कहें कि वह छाप अमिट और अति महत्वपूर्ण होती है, तो यह कहना कुछ गलत नहीं होगा। हकीकत में कहा जाये तो यह साल औरों के मुकाबले कुछ अलग ही रहा, किन्हीं मायनों में पीड़ादायक तो किसी दृष्टि से बेमिसाल कहें तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। हां इस बरस मेरे कई अभिन्न मित्र उस दुनिया में चले गये, जहां से कोई लौटकर नहीं आता। जाना-माना कार्डियोलाजिस्ट डा० मुकेश जैन जैसा बचपन के मित्र का असमय चला जाना बेहद पीड़ादायक रहा। उसकी कमी हमेशा खलती रहेगी। वह इसलिए भी कि मिलने पर अब यह कहने वाला नहीं रहा कि- ” तुम अभी जिंदा हो,हम तो समझे थे कि कोरोना में तुम चले गये।” देखा जाये तो बीते बरस बड़े भाइयों के देवलोक गमन से हुए विछोह से जहां पीड़ा दायक रहे, उनके न रहने का अभाव बराबर सालता रहा, मन को व्यथित करता रहा, वहीं शारीरिक अस्वस्थता सामाजिक गतिविधियों में संलिप्तता में बाधक भी बनी रही। वैसे शारीरिक व्याधियां तो आज भी दैनंदिन गतिविधियों में लगातार बाधक बनी हुयीं है जिससे काफी हदतक सामाजिक गतिविधियों में सहभागिता में व्यवधान आता है। लेकिन इसके बावजूद उन गतिविधियों में सहभागिता का यथासंभव प्रयास करता रहता हूं जबकि मित्रगण इसे जीवन से खिलवाड़ की संज्ञा देते रहते हैं। मेरा भरसक प्रयास है कि यह क्रम इसी तरह यथावत बना रहे।



यह वर्ष मेरे लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा है कि वर्ष 2025 में मेरे सहपाठी भाइयों, मेरे 111 बरस पुराने कालेज के पुरातन छात्रों, शिक्षकों ने मेरे गुरुवर प्रधानाचार्य रहे स्वर्गीय श्री बृजपाल सिंह यादव ,पी ई एस, के पुत्र ख्यात सामाजिक कार्य कर्ता, ए आर एम मैनपुरी श्री संजीव यादव के नेतृत्व में ऐतिहासिक राजकीय इंटर कॉलेज, एटा के जीर्ण-शीर्ण भवन के जीर्णोद्धार का निर्णय लिया और मुझ जैसे पत्रकार एवं पर्यावरण कार्यकर्ता को उस जीर्णोद्धार समिति का संरक्षक बनाया। यह मेरे जैसे व्यक्ति के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि थी। इस भगीरथ प्रयास में भाई श्री संजीव यादव के कुशल, ईमानदार एवं पारदर्शी नेतृत्व वाली समिति को कालेज के पुरातन छात्रों का न केवल भरसक सहयोग मिला बल्कि उन्होंने आर्थिक सहयोग भी दिया। इसमें हमें उन लोगों का भी सहयोग मिला जिन्होंने इस कालेज में अध्ययन भी नहीं किया था। आज उसी सहयोग और समर्थन के बलबूते जीर्णोद्धार समिति को लगभग 21 लाख की धनराशि प्राप्त हो चुकी है और सहयोग का यह सिलसिला बराबर जारी है। उसी सहयोग-समर्थन का परिणाम है कि 111 साल पुराने कालेज का विशालकाय हाल अब अपने पूर्व की स्थिति में पहुंचने के अंतिम चरण में हैं। इस कार्य की जिलाधिकारी एटा, अन्य प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है जो मेरे सहित जीर्णोद्धार समिति और सभी पुरातन छात्रों के लिए गौरव का विषय है।



इस वर्ष की एक खासियत और है,वह यह कि मेरे गुरुवर श्री बृजपाल सिंह जी यादव की स्मृति मे हमारे ही राजकीय इंटर कॉलेज एटा के प्रांगण में हर वर्ष आयोजित पुस्तक महोत्सव सफलतापूर्वक 10 वर्ष पूरे कर चुका है। यह पुस्तक महोत्सव इस अंचल की महत्वपूर्ण उपलब्धि है जो भाई श्री संजीव यादव के कुशल दिशा निर्देशन में नित नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। पद्मश्री राजा लक्ष्मण सिंह, मैग्सैसे पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता डा. संदीप पाण्डेय, समाजविज्ञानी प्रो० नवीन झा, सर्व सेवा संघ के महासचिव भाई राजा अरविंद सिंह, विश्व जल परिषद के सदस्य डा. जगदीश चौधरी, जाने-माने गांधीवादी श्री रमेश भाई, उ. प्र. बाल एवं महिला कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता डा. कमर आलम साहब, प्रख्यात पत्रकार एवं नदी विषयक मामलों के जानकार श्री पंकज चतुर्वेदी, दिल्ली के विशेष पुलिस आयुक्त श्री अजय चौधरी, कांगो में शांति सेना का नेतृत्व कर चुके वरिष्ठ आई पी एस श्री उपेन्द्र बघेल , एडीजीपी सी आर पी एफ श्री अंशुमान यादव, पी ए सी कमांडेंट रहे आईपीएस श्री आदित्य प्रकाश वर्मा, पर्यावरणविद एवं वरिष्ठ पत्रकार श्री अनिल बहुगुणा, प्रख्यात नृत्यांगना एवं ग्राफिक इरा यूनिवर्सिटी देहरादून की प्रोफेसर डा. अनुभा पुंढीर, पर्यावरणविद श्री रामभरोस मीणा, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल द्वारा नदी रत्न पुरस्कार से सम्मानित पर्यावरणविद श्री ब्रिजेन्द्र प्रताप सिंह, राज्य सूचना आयोग के सदस्य रहे मेजर संजय यादव आदि देश-प्रदेश के ख्यात शिक्षाविदों, समाजविज्ञानियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने पुस्तक महोत्सव का अवलोकन कर इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा की है और शैक्षणिक क्षेत्र में छात्र-छात्राओं के उन्नयन की दिशा में इसे मील के पत्थर की संज्ञा दी है। संयोग से मैं इस पुस्तक महोत्सव का संरक्षक भी हूं। असलियत में पुस्तक महोत्सव की सफलता के लिए भाई श्री संजीव यादव और श्री अनूप दुबे की समस्त टीम बधाई की पात्र है जिसके अथक परिश्रम से यह पुस्तक महोत्सव नित नयी ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। वह बात दीगर है कि मैं तो निमित्त मात्र संरक्षक हूं। लेकिन इसको जो समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जो मान-सम्मान मिला है, उससे मैं अभिभूत हूं।


इसके अलावा इस वर्ष मुझे दिल्ली में ” महात्मा गांधी मैमोरियल अवार्ड” और ” बाबा आमटे मैमोरियल अवार्ड “, बागपत जिलांतर्गत बड़ौत में एस्रो द्वारा दिये गये ” पर्यावरण के पुरोधा सम्मान ” ,गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति, राजघाट में लोकनायक जय प्रकाश अंतरराष्ट्रीय अध्ययन विकास केन्द्र द्वारा पर्यावरण संरक्षण हेतु बीते दशकों में दिये योगदान हेतु ” जे पी मैमोरियल लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड ” से व आगरा जिलांतर्गत प्रख्यात तीर्थ स्थल बाबा महेश्वर की नगरी बटेश्वर में आयोजित ग्रामीण पत्रकार सम्मेलन में सम्मानित किया जाना मेरे जीवन की अमूल्य थाती है। इस हेतु मैं पीपलमैन फाउन्डेशन के संस्थापक डा. रघुराज प्रताप सिंह, एस्रो के निदेशक भाई श्री संजय राणा जी, लोकनायक जयप्रकाश अंतरराष्ट्रीय अध्ययन विकास केन्द्र के राष्ट्रीय महासचिव भाई श्री अभय सिन्हा जी व ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव एवं समकालीन चौथी दुनिया पत्रिका के यशस्वी संपादक भाई श्री प्रवीण चौहान जी व समस्त अपने हितैषियों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।


यह आभार इसलिए और भी कि इन आयोजनों में मुझे प्रख्यात शिक्षाविद एवं ऐमिटी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. पी.बी. शर्मा, पद्मश्री श्री जितेन्द्र सिंह शंटी एवं श्री भारत भूषण त्यागी, डिप्टी कमिश्नर
हाऊसिंग बरेली एवं वृक्षारोपण के लिए विख्यात प्रशासनिक अधिकारी श्री मांगेराम चौहान, वर्ल्ड पीस इंस्टीटयूट यू एन ओ के संस्थापक डा. परविंदर सिंह, सी डब्ल्यू जी आई आर के संस्थापक श्री आशीष पाण्डेय, कैडिला के वाइस प्रेसीडेंट डा. पी. के. राजपूत, पूर्व कमिश्नर मणिपुर एवं अल्पसंख्यक आयोग के सचिव डा. मरीक सिंह पाहवा, पल्मोनोलाजी विशेषज्ञ और दुबई के राशिद हास्पिटल के डा. मयंक वत्स, बुंदेलखंड के प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता प्रो. गोविंद सिंह, विश्व जल परिषद के सदस्य डा. जगदीश चौधरी, उत्तराखंड की प्लास्टिक विरोधी अभियान की नेत्री, ग्राफिक इरा यूनिवर्सिटी की एसोसिएट प्रोफेसर डा. अनुभा पुंढीर, इंटरनेशनल फाउंडेशन गोरखपुर के डा. सौरभ पांडेय, पर्यावरणविद श्री देवेन्द्र फोगाट, पूर्व रा अधिकारी श्री देवेन्द्र सिंह पंवार, जिला पंचायत अध्यक्ष आगरा डा. मंजू भदौरिया, ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री शंकर देव तिवारी, सिविल सोसाइटीज के सचिव श्री अनिल शर्मा, राष्ट्रीय सचिव श्री नरेश सक्सैना एवं श्री नरेशपाल सिंह, पर्यावरण की और जल संचय की विभिन्न विधाओं के ज्ञाता भाई अनुपम जी के अनन्य सहयोगी भाई केसर सिंह जी,अखिल भारतीय संत महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य चक्रपाणि जी महाराज, आध्यात्मिक गुरू संत श्री संजय दास जी महाराज, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के उपाध्यक्ष श्री विजय गोयल, दूरदर्शन के पूर्व एडीजी प्रख्यात पत्रकार श्री सुधांशु रंजन, पूर्व डी जी दूरदर्शन जनाब रफीक मसूदी, अलकलाम ऐजूकेशनल ट्रस्ट के वाइस प्रेसीडेंट, संस्थापक अध्यक्ष रहनुमा फाउंडेशन जनाब तहसीन अहमद, प्रिंसीपल कमिश्नर जी एस टी एवं कस्टम डा. अनूप श्रीवास्तव, पद्मश्री कत्थक नृत्यांगना सुश्री कमलिनी, इंडिया न्यूज के मैनेजिंग एडीटर श्री राणा यशवंत, जेपी सेनानी डा० राकेश रफीक, पूर्व विधायक बिहार श्रीमती रश्मि वर्मा आदि विभिन्न.क्षेत्र की जानी-मानी हस्तियों, प्रबुद्ध बुद्धिजीवियों का सानिध्य मिला, उनसे संवाद का सुअवसर मिला, यह सौभाग्य का विषय है।
नववर्ष की पूर्व बेला में मैं आप सभी मित्रों, शुभचिंतकों को नव वर्ष 2026 की बधाई देता हूं और परमपिता परमात्मा से प्रार्थना करता हूं और आशा करता हूं कि नववर्ष आपके जीवन में सुख-संपत्ति, धन-धान्य, यश-वैभव और जीवन की अपार संपदाओं से परिपूर्ण हो तथा नववर्ष में पूर्व की भांति मुझे आप सभी हितैषी भाइयों और अग्रजों का स्नेह व आशीर्वाद मिलता रहे। सद्भावनाओं सहित। सादर। ससम्मान।
आपके संरक्षण में एटा पुस्तक महोत्सव का कारवां अपने दस वर्ष सफलता पूर्वक पूर्ण करने पर आपको हार्दिक बधाई