
लेखिका : लता अग्रवाल
चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)
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जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा वो भारत देश है मेरा। अब न पेड़ है ना सोने की चिड़िया है। आजादी दिलाने में मुस्लिम भाइयों का भी बहुत योगदान था टीपू सुल्तान से लेकर, अशफाक उल्ला खान इंकलाब जिंदाबाद का नारा देने वाला हजरत मियानी, भारत छोड़ो आंदोलन का नारा देने वाला युसूफ मेहर, गफ्फार खान, बिस्मिल्लाह खान और सबसे बड़ी बात हमारे देश के मिसाइल मैन अब्दुल कलाम आजाद।
वर्तमान समय में नफरत की राजनीति हो रही है। ताजा उदाहरण होली का है एक हिंदू बच्ची ने गलती से एक मुस्लिम भाई पर पानी का गुब्बारा फेंक दिया उन मुस्लिम भाइयों ने उस बच्ची के भाई को पीट-पीट कर जान से मार डाला। कितनी शर्मनाक बात है और उससे भी ज्यादा शर्मनाक तो हमारी कानून व्यवस्था है। हमारी सामाजिक सोच हमें किस ओर ले जा रही है?
बेरोजगारी, महंगाई, आर्थिक असमानता, मूलभूत बुनियादी शिक्षा, दाल रोटी, नोट बंदी पर को बात नहीं होती है। पुलवामा हमले में हमारे देश के 40 जवान मारे गए आज तक सरकार मौन है कि वह आरडीएक्स की गाड़ी कहां से आई थी उस पर कोई चर्चा नहीं हुई।
चीन ने अरुणाचल प्रदेश के बॉर्डर पर नया गांव बसा लिया ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बना लिया, इडी और सीबीआई जैसे संस्थानों को खरीद लिया गया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दो दिन और अगर छूट मिलती तो पाकिस्तान का नामो निशान नहीं मिलता।
पर हमारा दुर्भाग्य अमेरिका से डोनाल्ड ट्रंप ने सीज फायर की घोषणा की। एप्सटीन फाइल में मोदी जी के काले कारनामों का नाम आया। रातों रात ट्रंप से विदेशी व्यापार नीति की डील हो गई। अमेरिका ने 18% टैरिफ लगाया और हमारी सरकार ने 0% ताकि काले कारनामे जो है अमेरिका उनकी पोल ना खोल दे। एप्सटीन फाइल (Epstein files) में जिस देश के नेता का नाम आया है विदेश में जनता सड़क पर उतर आई है। हाहाकार मचा हुआ है। लेकिन हमारे यहां जनता सवाल नहीं उठा सकती। विरोध नहीं कर सकती। उसका मुंह बंद करवा दिया जाता है।
मोदी जी ने एयरपोर्ट निजीकरण के नियम में बदलाव कर दिया ताकि अडानी समूह जिसको एयरलाइंस का कोई अनुभव भी नहीं है 6 हवाई अड्डों की बोलियां जीत सके। सरकारी संरक्षण के कारण LIC और SBI जैसे संस्थानों ने अडाणी की कंपनियों में भारी निवेश किया है।
अलग-अलग मंदिरों में जाकर मोदी जी जो पूजा पाठ का और वेशभूषा बदलते हैं। और जिस देश में गाय को माता माना जाता है आज गौ मांस का सबसे बड़ा निर्यातक देश है। पहले नंबर पर है। सबसे बड़ा दुर्भाग्य 35 से भी ज्यादा कंपनियों के मालिक हिंदू हैं।
बीजेपी के नेता हाईवे पर अय्याशी कर रहे हैं मोदी जी के पास हर सवाल का जवाब मौन है। सवाल पूछने पर संसद से उठकर चले जाते हैं। देश में कोई समस्या होती है तो विदेशी यात्रा पर चले जाते हैं। नेताओं के जुकाम का इलाज लंदन अमेरिका में होता है। और देश की गरीब जनता का इलाज आरक्षण कोटे से पीएमटी में चार प्रतिशत अंक पाने वाले डॉक्टर करते हैं।
नेताओं के घर में बेहिसाब बिजली, पानी का दुरुपयोग होता है सब फ्री में उपलब्ध है और बेचारी जनता को एक यूनिट का पैसा चुकाना होता है। बूंद बूंद पानी के लिए तरसती है। महंगी बिजली का भी भुगतान करना पड़ता है। अडानी अंबानी के 40000 करोड़ 59000 करोड़ जैसे लोन माफ कर दिए जाते हैं और बेचारे गरीब की झोपड़ी का एक 1000रू की किस्त बाकी रह जाए तो उसकी जमीन कुर्क कर ली जाती है।
सबसे अहम बात राजनीति में महिलाओं की भागीदारी का 33% आरक्षण का बिल वर्षों से प्रस्तावित है उस एक बिल को अभी तक पास नहीं किया जा सका। 33% ही क्यों? राजनीति में महिलाओं की भागीदारी 50% होनी चाहिए और महिलाएं योग्य है तो जितनी ज्यादा सीटों पर वह जीत हासिल करती है वह उनको मिलनी चाहिए। लोकतंत्र के मंदिर में महिला पुरुषों का प्रतिशत का बंटवारा क्यों?
लाखों करोड़ों मुकदमे न्यायालय में लंबित पड़े हैं 10-10-20 साल तक आरोपी को जेल में रखा जाता है उसकी सुनवाई की जाती है और निर्दोष होने पर फिर उसको बरी किया जाता है और जब तक वह जेल में है सरकार उसका खर्चा उठाती है। अगर तुरंत कानूनी कार्रवाई होकर फैसला जल्द से जल्द निपटा जाए तो जेल में इतनी भीड़ नहीं होगी और सरकार पर भी आर्थिक भार नहीं पड़ेगा।
यह ऐसे बड़े-बड़े अहम मुद्दे हैं जिन पर आम जनता का ध्यान नहीं जाता है। आम जनता चाहती है सिर्फ सस्ती शिक्षा, महंगाई कम करें, और जनता की बुनियादी आवश्यकताओं को सस्ता और सुलभ करें। फालतू की नि:शुल्क योजनाएं बनाकर जनता का पैसा बर्बाद ना करें जनता को रोजगार दें।
अंग्रेजों द्वारा बनाए गए आयकर कानून को समाप्त किया जाए इससे काला धन जमा नहीं होगा। जनता अपना पैसा ईमानदारी से बाजार ज्यादा निवेश करेगी और अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। (लेखिका का अपना अध्ययन एवं अपने विचार हैं)