
जाफ़र लोहानी
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मनोहरपुर (जयपुर)। राजस्थान में अजमेर शरीफ के बाद साम्प्रदायिक सद्भाव एवं भाईचारे की मिली जुली संस्कृति का प्रतीक हजरत बाबा बुर्रहानुद्दीन चिशती रहमतुल्ला अलैह दरगाह शरीफ ताला का सदियों पुराना 4 दिवसीय मेला कूल की रस्म के साथ सम्पन्न होगया हैं। व सोमवार, मंगलवार को गुदड़ी मैला भरेगा। जिसमे देश-विदेश के लाखो हिन्दू-मुस्लिम जायरीन आस्था स्वरूप शिरकत करेगें।
दरगाह कमेटी के खादिम कालू खान शेख ने बताया कि हजरत बुर्रहानुद्दीन चिश्ती रहमतुल्ला आलेह का 4 दिवसीय सालाना मेला पूरे शबाब पर है। मेले में आस्था, मनोरंजन और सामाजिक एकता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मंत्री से लेकर संतरी तक और राजा-महाराजा तक बाबा के दर पर हाजरी दे चुके हैं। यहाँ ना कोई हिंदू है ना मुसलमान, सब बाबा के मेहमान हैं।
मेले का मुख्य आकर्षण:
आसमान छूते झूले
इस बार मेले में विशालकाय और रंग-बिरंगे झूले लोगों को खूब लुभा रहे हैं।
फेरिस व्हील :-
ऊपर से पूरे मेले का नजारा दिखाता यह झूला बुजुर्गों और युवाओं में सबसे लोकप्रिय है।
ड्रैगन झूला :-
रोमांच के शौकीनों की पहली पसंद बना हुआ है।
बच्चों के झूले :-
नन्हे-मुन्नों की किलकारियों से मेला गूंज रहा है।
जायरीन की सेहत का ख्याल:
यूनानी चिकित्सा कैंप
भीड़ और गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने मेले में यूनानी चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई है। कैंप में लू, डिहाइड्रेशन, चक्कर और पेट दर्द के मरीज सबसे ज्यादा आ रहे हैं।
ड्यूटी पर तैनात डॉ. रिजवान अहमद आदि ने बताया: “गर्मी में धनिया – पुदीने का शरबत और सत्तू रामबाण है। रोज़ेदार जायरीन इफ्तार में खजूर के साथ ठंडी तासीर वाली चीजें लें। झूला झूलने के बाद चक्कर आए तो तुरंत प्याज सूंघें या नींबू-पानी पी लें। यूनानी में मिज़ाज के हिसाब से इलाज होता है, जो भीड़ में भी तुरंत राहत देता है।”
एकता की मिसाल और रौनक:
मेले में खाने-पीने के स्टॉल, खिलौने, चूड़ी – मनिहार की दुकानें सजी हैं। स्थानीय कारीगरों और छोटे दुकानदारों की अच्छी कमाई हो रही है। शाम ढलते ही रोशनी से नहाया मेला और खूबसूरत लगने लगता है। हर तरफ “बाबा का करम है” की गूंज है।
ग्रामीण हिन्दू मुस्लिम लोगो का इस मेले के बारे में कहना हैं कि आस्था का केंद्र, रोमांच का ठिकाना और गंगा-जमुनी तहजीब की पहचान। मेले में राजनीतिक सामाजिक व धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों ने शिरकत की। उल्लेखनीय हैं कि रविवार 12 अप्रैल 2026 को प्रात 10 बजे से 11 बजे तक कुल की रस्म अदा हुई तथा हिन्दू – मुस्लिम दोनो समुदाय के अकीदतमन्द बच्चे बच्ची के जडुले और चादर, फूल, नवदम्पती, जोडे कि जात देकर दुआएं एवं मनोकामना का दौर जारी रहा।
सोमवार व मंगलवार 13, 14 अप्रैल 2026 को आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रो का गुदडी का मेला रहेगा। ताला के मदरसा के सामने पीरपूरा रोड पर मोबाइल की दुकान लगाए हुए इस्लाम खान ने जायरीनों के मोबाइलों को निःशुल्क चार्ज कर दुआए ली।