
शाहपुरा विधायक मनीष यादव ने जताया विरोध
जाफ़र लोहानी
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मनोहरपुर (जयपुर)। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) द्वारा जयपुर शहर की 100 किलोमीटर परिधि में आने वाले राजस्व ग्रामों को शामिल करने की कार्यवाही को लेकर शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र में गहरा असंतोष पनप रहा है।
शाहपुरा विधायक मनीष यादव ने इस मामले को गंभीर बताते हुए स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा से ग्रामों को जेडीए में शामिल नहीं करने की मांग उठाई है। विधायक यादव ने कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र के कई ग्रामों को जयपुर विकास प्राधिकरण में सम्मिलित किया जा रहा है, लेकिन इस संबंध में किसी भी जनप्रतिनिधि से राय नहीं ली गई।
विधानसभा के तृतीय अंतःसत्र में मैंने इस विषय पर प्रश्न क्रमांक 4 के माध्यम से जानकारी मांगी थी, जिसके उत्तर में स्वयं सरकार ने स्वीकार किया कि जनप्रतिनिधियों से कोई राय नहीं ली गई।
विधायक यादव ने यह भी याद दिलाया कि विधानसभा के चतुर्थ सत्र में मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने सदन में आश्वासन दिया था कि विकास प्राधिकरण और नगर विकास न्यास योजनाएं तैयार करते समय स्थानीय विधायक से विचार-विमर्श कर योजना को जनभावना के अनुरूप बनाया जाएगा। इस आशय के निर्देश भी मंत्री द्वारा 10 सितम्बर 2025 को सभी विकास प्राधिकरणों एवं न्यासों को दिए गए थे।
विधायक ने मांग की कि शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र के राजस्व ग्रामों को जेडीए में शामिल नहीं किया जाए तथा इस संबंध में नई समिति गठित कर मंत्री महोदय की अध्यक्षता में बैठक बुलाई जाए। इसमें संबंधित क्षेत्र के विधायकों को सदस्य के रूप में शामिल किया जाए ताकि आमजन की राय और जनप्रतिनिधियों की भावनाओं को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जा सके।
विधायक ने साथ ही ये भी बताया कि अगर ग्रामों को जेडीए में शामिल किया गया तो ग्रामीण विकास प्रभावित होगा और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा, क्योंकि JDA में वर्तमान जो गाँव शामिल है उनमें JDA ने आज तक कोई विकास कार्य नहीं करवाया, JDA का ध्यान सिर्फ़ कॉलोनीयो और कॉलोनाइजरो तक सीमित रहता है, JDA का विकास व आमजन से कोई सरोकार नहीं रहता। छोटे-छोटे भूमि संबंधी कार्यों के लिए किसानों को जयपुर के चक्कर लगाने पड़ेंगे, जो काश्तकारो के लिए परेशानी का सबब होगा।