बिशनगढ़, शाहपुरा में आयोजित हुआ विराट कवि सम्मेलन

भुला सारा ज़माना दिल में हिंदुस्तान ज़िंदा रख।
बना जो रब ने भेजा ख़ुद में वो इंसान ज़िंदा रख।।

कवि कल्याण को किया गया काव्य शिरोमणि सम्मान से सम्मानित

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शाहपुरा/मनोहरपुर (जयपुर)। कस्बे में रविवार को रूप चतुर्दशी पर्व के पावन अवसर पर साहित्य ग्राम यात्रा फाऊंडेशन संस्था द्वारा विराट कवि सम्मेलन,कवि राजेश कोकड़ा के संयोजन,प्रशांत शर्मा व टीम के प्रबंधन,सरपंच रामनिवास यादव की अध्यक्षता एवं प्रोपर्टी डीलर रवि मीणा के मुख्य आतिथ्य में आम जनता बिशनगढ़ के आशीर्वाद से सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में बिशनगढ़ के ऐतिहासिक किले की प्राचीर तले ठाकुर जी श्री राधेकृष्ण जी की छत्रछाया में लगभग 15 कवि कवयित्रियों में देर शाम तक अपनी कविताओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया।सम्मेलन का रोचक संचालन कवि कल्याण गुर्जर “कल्याण” ने करते हुए उक्त पंक्तियाँ पढ़ी।अपनी बारी आने पर काव्यपाठ के बाद उन्हें फाऊंडेशन की ओर से काव्य शिरोमणि सम्मान प्रदान किया गया।
कवि सम्मेलन में नागौर से आई सिया वैष्णव ने सरस्वती वंदना के बाद अपनी शेरो शायरी पर तालियाँ बटोरी,शिवम विशेष और प्रकाश प्रियम ने अपनी ग़ज़लों से समाँ बाँध दिया।उमेश चन्दर ने कृष्ण प्रेम पर तथा राजस्थानी में गीत पढ़कर और रूपेश असवाल ने बेटी को संदेश पर गीत सुनाकर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।जयपुर से आई आशा बुनकर ने बेहतरीन तरन्नुम और शानदार अंदाज में प्रस्तुत अपने शृंगार रस के मुक्तक,छंद और गीतों से श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया। कवि गिरधारी सिंह गिरधर,राजेंद्र सजल,नरेश जिज्ञासु,सुनील सैन,समीर कुंभकार,सुरेश धमोरा ने भी उत्तम काव्यपाठ किया।स्थानीय कवि राजेश कोकड़ा व प्रशांत ने भी शानदार रचनाएँ प्रस्तुत की।
कल्याण गुर्जर कल्याण ने बेहतरीन मुक्तक पढ़े एवं मोबाइल के दुरुपयोग पर राजस्थानी में शानदार और संदेशप्रद गीत पढ़ा।इस अवसर पर अध्यक्ष जी,सभी अतिथिगण, कविगण व,ग्राम से तीन नव चयनित आर ए एस और खोरी से अधिकारी पद पर चयनित एक युवा के सम्मान के साथ साथ कवि कल्याण गुर्जर “कल्याण” को काव्य शिरोमणि सम्मान से नवाजा गया।
इस दौरान युवा कवि राजेश कोकड़ा द्वारा साहित्य और काव्य को गाँवों तक पहुँचाने,मनोरंजन के लिए युवा वर्ग को सोशल मीडिया से दूर रखने और दुर्व्यसनों के खतरों के प्रति जागरूक करने के इस महनीय प्रयास की सभी ने भूरि भूरि प्रशंसा की।
इस दौरान अंत में राजेश कोकड़ा ने समस्त प्रायोजकों,सहयोगियों,कविगण ,श्रोताओं एवं आम जनता का आभार प्रदर्शन करते हुए सम्मेलन समापन की घोषणा की।

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