पूर्वजों की कब्र पर जाकर उनके लिए मगफिरत की दुआ की

सम्पूर्ण रात्रि इबादत कर अपने गुनाहों की माफ़ी मांगी
जाफ़र लोहानी
www.daylifenews.in
मनोहरपुर (जयपुर)। स्थानीय कस्बे सहित आसपास के मुस्लिम इलाको में शब ए बरात का पर्व विधिवत रस्म ओ रिवाज के हर्षोल्लास के साथ में मनाया गया
इस दिन घर और मस्जिदों में खास सजावट की गई। शब-ए-बरात के दिन जगह-जगह पर धार्मिक जलसों का आयोजन किया गया, जिसमें अधिक संख्या में लोग शामिल हुए। इसके अलावा लोग कई तरह के पकवान बनाए और सुंदर वस्त्र पहने । शब-ए-बरात के दिन लोग अपने पूर्वजों की कब्र पर गए और उनके लिए दुआ पढे।
भाजपा नेता जमील खान खोकर ने बताया कि इस दिन लोगों में दान जरूर करते है। शब-ए-बारात की रात में अपने पूर्वजों की कब्र पर जाकर उनके लिए फ़ातेहा पढ़ी गई। कब्र पर अगरबत्ती जलाकर फूल चढ़ाए। नमाज के दौरान जीवन में किए गए गुनाहों की माफी मांगी। इस दिन रोजा रखने की परंपरा के अनुसार कई लोगो ने रोजा रखा। इसके अलावा इबादत के दौरान जीवन में कभी भी किसी गलत काम को न करने का अपने आप से वादा किया।
शब-ए-बारात का महत्व
खोकर ने बताया कि यह मुस्लिम समुदाय का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसे शाबान महीने की 15 वीं तारीख को मनाया जाता है। इसे मगफिरत की रात भी कहा जाता है।

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