
जाफर लोहानी
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आंधी/जमवारामगढ़/मनोहरपुर/जयपुर। काँग्रेसी नेता नदीम पठान ने कहा कि आज पूरा देश डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी* की जयंती मना रहा है। 14 अप्रैल 1891 को महू में जन्मे बाबा साहेब सिर्फ दलितों के मसीहा नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के निर्माता, संविधान के शिल्पकार थे। आज का दिन सिर्फ छुट्टी नहीं, संकल्प का दिन है।
कौन थे बाबा साहेब?;
छुआछूत से जंग: स्कूल में पानी का मटका छूने नहीं दिया गया, उसी बच्चे ने आगे चलकर देश को ‘पानी का अधिकार’ देने वाला संविधान लिखा।
ज्ञान का पहाड़: कोलंबिया यूनिवर्सिटी और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से PhD, अर्थशास्त्र-राजनीति- कानून – तीनों में महारथ। 9 भाषाओं के ज्ञाता।
संविधान के जनक: 2 साल 11 महीने 18 दिन में दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान देकर हर नागरिक को बराबरी, आजादी और न्याय की गारंटी दी।
2026 का संदेश: ‘संविधान बचाओ, देश बचाओ’ :
इस साल अम्बेडकर जयंती की थीम है – “समता, बंधुता और न्याय – नए भारत की बुनियाद”। बाबा साहेब का सपना था कि हिंदुस्तान में जाति नहीं, काबिलियत की इज्जत हो। शिक्षा शेरनी का दूध है – जो पिएगा वो दहाड़ेगा।
पठान ने कहा, “बाबा साहेब ने कलम से क्रांति की। उन्होंने कहा था – ‘मैं उस धर्म को मानता हूं जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाए।’ आज जरूरत है कि हम उनके संविधान को पढ़ें, समझें और जीएं।
प्रभात फेरी से संगोष्ठी तक
सुबह 6 बजे: प्रभात फेरी निकली। “बाबा तेरा मिशन अधूरा, हम सब मिलकर करेंगे पूरा” के नारों से गूंजा कस्बा। बच्चों ने नीली टोपी, हाथ में संविधान की प्रति लेकर मार्च किया।
सुबह 10 बजे: अम्बेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण।
हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान’
उन्होंने संगोष्ठी में कहा – “बाबा साहेब ने महिलाओं को संपत्ति का हक, वोट का हक, मजदूरों को 8 घंटे काम का कानून दिया। ये लड़ाई किसी एक जाति की नहीं, पूरे देश के मान की थी।”
शाम 6 बजे: नीला दीपोत्सव। हर घर के बाहर दीप जलाकर बाबा साहेब को नमन। युवाओं ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ किया।
बाबा साहेब के 5 अनमोल तोहफे जो हर घर में हैं :
वोट का अधिकार: राजा हो या रंक, वोट की कीमत बराबर।
RBI की नींव: इनकी किताब ‘The Problem of the Rupee’ पर ही रिजर्व बैंक बना।
8 घंटे काम: फैक्ट्री में 12-14 घंटे खटने का राज खत्म किया।
महिला अधिकार: हिंदू कोड बिल से बेटी को पिता की संपत्ति में हक दिलाया।
पानी का हक: महाड़ सत्याग्रह करके तालाब सबके लिए खुलवाया।
आज का संकल्प: पढ़ेंगे और पढ़ाएंगे
नदीम पठान ने कहा कि “बाबा साहेब ने कहा था – ‘जाओ, जाकर पढ़ो’। आज सबसे बड़ी श्रद्धांजलि यही है कि एक भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे। नशा नहीं, किताब थमाओ।”
पठान ने कहा, “अम्बेडकर जयंती मनाने का मतलब डीजे बजाना नहीं, दिमाग बजाना है। संविधान पढ़ो, हक मांगो, फर्ज निभाओ।”
बॉक्स: बाबा साहेब की 3 बातें जो जिंदगी बदल दें।
- शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पिएगा वो दहाड़ेगा।
- मैं समाज में उस प्रगति को मापता हूं जो समाज की महिलाओं ने हासिल की है।
- हम सबसे पहले और अंत में भारतीय हैं।