

लेखिका : लता अग्रवाल
चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)।
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भारत में गाय को माता माना जाता है और सरकार से गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने व गौ हत्या पर प्रतिबंध लगाने का विश्वव्यापी आंदोलन चलाया जा रहा है लेकिन क्या सरकार इस मुद्दे पर विचार करेगी यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। ऑन कैमरा सरकार गाय की पूजा करती है ऑफ कैमरा गौ मांस का निर्यात करती है। भारत 2014 के पहले विश्व के 20 निर्यातक देशों में गो मांस में भारत का नाम कहीं नहीं था।
2014 में मोदी सरकार के आने के बाद सन 2014,15 के वित्तीय वर्ष में गोमांस का 14 लाख 75 हजार 540 मेट्रिक टन का निर्यात किया गया। सन 2025 तक आते-आते भारत विश्व का दूसरा बड़ा बीफ निर्यातक देश बन गया। पूरे विश्व की बीफ कम्पनियो के निर्यात का कुल 65% निर्यात भारत ने किया। 3.8 बिलियन डालर का व्यापार किया। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में सभी राज्यों में उत्तर प्रदेश सरकार गोमांस निर्यात में सबसे पहले नंबर पर है। हैरत की बात यह है कि वहां योगी सरकार है। सरकार धर्म व नीति के नाम पर ऑन कैमरा गाय के प्रति प्रेम का प्रदर्शन कर सहलाते हुए नजर आती हैं। ये सरकार का दोगलापन है जनता को बेवकूफ बनाने का काम है। जनता की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अब जनता ने विश्वव्यापी आंदोलन शुरू किया है सरकार को गोभक्तो की बात पर ध्यान देना होगा वर्ना आंदोलन व्यापक स्तर पर हिंसक प्रदर्शन भी कर सकता है। सदियों से ऋषि मुनियों ने यह प्रमाणित किया है कि गाय माता के शरीर में तेंतीस देवताओं का वास है और यह ब्रह्मांड का अटल सत्य है। सरकार को गो हत्या बंद करने का सख्त कानून बना कर उसको लागू भी करना होगा। (लेखिका के अपने विचार हैं)