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जयपुर। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के नाम पर राजस्थान के युवाओं के साथ यह कैसा मजाक हो रहा है? 90,000 युवाओं ने बड़े उत्साह के साथ आवेदन किया, लेकिन ऋण मिला मात्र 60 को। आज भी हज़ारों आवेदन धूल फांक रहे हैं।
यह बात सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने एक्स हैंडिल पर लिखते हुए कहा कि 10 लाख के ब्याज मुक्त ऋण का वादा केवल हेडलाइन बनकर रह गया है। धरातल पर सच्चाई यह है कि 15 जिलों में एक भी युवा को लोन नहीं मिला। सरकार को विज्ञापनों से बाहर निकलकर बैंकों की जवाबदेही तय करनी चाहिए, वरना ‘रोजगार’ का यह सपना सिर्फ एक कागजी आंकड़ा बनकर रह जाएगा। https://x.com/i/status/2051931082451484997